लखनऊ के कुकरैल कछुआ और घड़ियाल पुनर्वास केंद्र में इस साल पैदा होने वाले 500 घड़ियाल प्रदेश ही नहीं देश की नदियों में राज करेंगे। इस बार कुकरैल में घड़ियालों की हैचिंग ने सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले। पहली बार जून में उनका हैचिंग सीजन बीतने के बाद 500 से अधिक घड़ियालों की हैचिंग पूरी हुई। ये रिकॉर्ड बताया जा रहा है। अब आने वाले समय में इन्हें पूरी तरह तैयार कर उन इलाकों की नदियों में छोड़ा जाएगा जहां से उनकी मांग आएगी।
कुकरैल में जन्मे 500 घड़ियाल, अब देशभर की नदियों में करेंगे राज, देखें- तस्वीरें
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यूपी की लुप्तप्राय परियोजना के वन्यजीव प्रतिपालक अबु अरशद ने बताया कि 30 मई से जून के पहले पखवारे तक चली घड़ियालों की हैचिंग का समय पूरा हुआ है। इस बार करीब 515 से अधिक अंडे हैचिंग के लिए रखे गए थे। इनमें से 500 घड़ियाल हैचिंग के बाद बाहर आए हैं। अब इन्हें अगले 22-24 महीनों तक यहीं रख कर पाला जाएगा। उसके बाद वर्ष 2021 की गर्मियों में जहां से भी मांग आएगी, वहां इन्हें भेजा जाएगा। दक्षिण भारत के राज्यों से भी कई बार मांग आती है।
- उन्हीं घड़ियालों को छोड़ा जाता है, जिनकी लंबाई कम से कम एक मीटर हो चुकी होती है।
- पैदाइश के शुरुआती एक पखवाड़े तक ये कुदरती प्रोटीन पर रहते हैं। अगले 8-10 माह तक जिंदा मछली इनकी खुराक होती है।
- घड़ियाल एक साल की उम्र के बाद एक दिन में दो किलो मछली की खुराक लेते हैं।
- रिलीज किए जाने तक ये दो किलो के करीब मरी मछलियों की खुराक से पेट भरते हैं।
- चुने गए घड़ियालों को एक मीटर से अधिक लंबे पाइप नुमा गोल बाक्स में आगे-पीछे से छेददार सॉकेट में रखकर रवाना किया जाता है।
- उससे पहले उनमें लोकेशन पता लगाने वाले यंत्र की टैगिंग करनी होती है।
नदियों में कुदरती व्यवस्था बनाने में होते हैं अहम
नदियों में कुदरती व्यवस्था बनाए रखने के लिए घड़ियालों की मौजूदगी सबसे अहम होती है। इसके लिए लगातार कुकरैल में हैचिंग के प्रयास होते रहते हैं। इसी वर्ष गर्मियों की शुरुआत में मुजफ्फरनगर हस्तिनापुर की वाइल्डलाइफ सेंचुरी के अलावा सुहागी बरवा, बाराबंकी और वेस्ट यूपी की एक और लोकेशन में 150 से अधिक घड़ियाल रिलीज किए जा चुके हैं।
5500 से अधिक घड़ियाल भेजे जा चुके अब तक
- लखनऊ के कुकरैल कछुआ और घड़ियाल पुनर्वास केंद्र के 5500 से अधिक घड़ियाल अभी तक प्रदेश और देशभर की नदियों में छोड़े जा चुके हैं।
- पिछले करीब दो दशकों से भी अधिक समय से चल रहे प्रोजेक्ट के तहत हर वर्ष मदर स्टाक से हैचिंग करवाई जाती है।
- कुकरैल में एक नर समेत छह घड़ियालों का बेस मदर स्टॉक है।