उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वाराणसी में हुए हादसे में चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर एचसी तिवारी समेत चार लोगों को सस्पेंड कर दिया है। वे वाराणसी में देररात तक घायलों से मिलते रहे। साथ ही विभागीय अधिकारियों के साथ रात में ही इस परियोजना में हुई लापरवाही की समीक्षा की, जिसेक बाद चार लोगों को सस्पेंड करने के निर्देश दे दिए। इसके अलावा आगे की जांच के लिए तीन सदस्यीय तकनीकी समिति का गठन भी कर दिया गया है।
केशव मौर्य ने देर रात अमर उजाला को बताया कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर एचसी तिवारी, प्रोजेक्ट मैनेजर केआर सूदन, एई राजेंद्र सिंह और जेई लाल चंद को निलंबित कर दिया गया है। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर वाईके गुप्ता की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय तकनीकी कमेटी बनाई गई है। इसमें सेतु निगम के संयुक्त प्रबंध निदेशक वाईके शर्मा और पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता, इलाहाबाद एसके गुप्ता को सदस्य बनाया गया।
आपको बता दें कि वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन के पास हुए दर्दनाक हादसे में निर्माणाधीन फ्लाईओवर के बीम गिरने से 18 लोगों की दबकर मौत हो गई। मामले में चीफ मैनेजर सहित चार को सस्पेंड कर दिया गया है। हादसा मंगलवार शाम को हुआ। हादसे में 30 के करीब लोग घायल हो गए हैं। वहीं, हादसे से पीड़ितों से मिलने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी वाराणसी पहुंच गए हैं।
निर्माणाधीन फ्लाईओवर के दो बीम गिरने से नीचे दबी गाड़ियों में लोग घंटों कराहते रहे। मौके पर मौजूद लोग उनकी मदद करना चाह रहे थे, पानी पिला रहे थे लेकिन हजारों क्विंटल वजनी बीम पर किसी का वश नहीं चल रहा था। इस दौरान घायलों की जिंदगी से जद्दोजहद जारी रही और चिकित्सकीय मदद न मिलने के कारण तड़पते हुए सांस टूट गई।
मौजूद लोग घायलों का तड़प कर मरना देख चीख रहे थे और पुलिस-प्रशासन को कोस रहे थे लेकिन कुछ कर नहीं पा रहे थे। चौतरफा मौजूद हजारों की भीड़ में मौजूद लोग बस यही पूछ रहे थे कि हादसा कैसे हुआ और दबे वाहनों के ऊपर से बीम को पुलिस और प्रशासन हटवा क्यों नहीं पा रहे हैं। इसे लेकर लोग पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से नोकझोंक पर उतारू हो रहे थे।
पुलिस, पीएसी और एनडीआरएफ के साथ ही सेना के जवान गुस्साए लोगों को किसी तरह समझाबुझाकर शांत करा रहे थे। उधर, वसुंधरा और एईन कॉलोनी के सड़क किनारे बने मकानों की छतों पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था। छतों पर मौजूद लोग घटना की भयावहता के बारे में और राहत व बचाव कार्य में देरी पर पुलिस और प्रशासन को कोस रहे थे।