हसनगंज के छोटी पकड़िया में मंगलवार शाम खाली प्लॉट पर बने कबाड़ गोदाम में आग से अफरा-तफरी मच गई। गोदाम में रखे छोटे सिलेंडर और परफ्यूम के कैन धमाकों के साथ फट गए। लपटें आस-पास के मकान तक पहुंची तो चीख-पुकार मच गई। यही नहीं, धुएं से दो किशोर बेहोश हो गए। लोगों ने घरों से कूदकर अपनी जान बचाई। फायर ब्रिगेड ने चार घंटे की मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पाया। हादसे में सात लाख कैश और लाखों रुपयों का सामान फुंक गया जबकि तीन बकरियां जलकर मर गईं।
कबाड़ गोदाम में लगी भीषण आग, सिलेंडर व परफ्यूम कैन फटे, भगदड़
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इंस्पेक्टर हसनगंज उदयवीर सिंह ने बताया कि गोदाम न्यू मदेयगंज निवासी अब्दुल कादिर का है। शाम करीब साढ़े चार बजे कादिर का भांजा अरमान (10) अपने दोस्त संग खेल रहा था। इस दौरान अचानक धुआं उठने लगा और देखते ही देखते लपटें तेज हो गईं। धुएं से अरमान और उसका दोस्त बेहोश हो गए। पड़ोसियों ने दोनों को गोदाम से बाहर निकालकर जान बचाई। इस बीच गोदाम में रखे छोटे गैस के कई सिलेंडर व परफ्यूम के कैन रखे थे जो आग के संपर्क में आते ही धमाके से फटने लगे। एक के बाद एक कई धमाकों से इलाके में भगदड़ मच गई। इस बीच लपटें पड़ोसी जुहैर खालिद के मकान तक पहुंच गई। खालिद परिवार सहित बाहर भागे। करीब एक घंटे बाद हजरतगंज, बीकेटी और चौक के दमकल वाहन मौके पर पहुंचे और लपटों पर काबू पाया। गोदाम से सटी खालिद के मकान की दीवार चटक गई है। आग लगने का कारण नहीं पता चल सका है।
गोदाम मालिक को पड़ा दिल का दौरा
आग लगने की सूचना मिलते ही गोदाम मालिक अब्दुल कादिर को दिल का दौरा पड़ गया। परिवारीजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया। डॉक्टरों ने उनकी हालत चिंताजनक बताई है। धुएं से बेहोश अरमान व उसके दोस्त को भी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
गोदाम की नहीं थी एनओसी
गोदाम अग्निशमन विभाग की एनओसी के बिना ही कई वर्षों से चल रहा था। हादसे के बाद इसकी पोल खुली। फायर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है।
घनी आबादी व संकरी गलियों में फंसे दमकल वाहन
संकरी गलियों में फंसने के कारण दमकल गाड़ियां एक घंटे लेट पहुंची। पड़ोसी जुहैर खालिद ने बताया कि घनी आबादी के बीच बने कबाड़ गोदाम की शिकायत उन्होंने कई बार पुलिस व संबंधित अधिकारियों को दी। लेकिन गोदाम मालिक पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।