लखनऊ कैंट के निलमथा इलाके में रहने वाले रेलवे ठेकेदार व शिकारपुर थाने के हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र उर्फ गोरख ठाकुर की हत्या में पुलिस का दावा है कि वह शूटरों के करीब पहुंच गई है। उनकी पहचान हो चुकी है। वहीं एक सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से यह पुख्ता हो रहा है कि हत्याकांड का मुख्य आरोपी फिरदौस ही है। वही शूटरों को लेकर लखनऊ आया था।
वारदात के बाद पूरी रात लखनऊ में रहे शूटरों ने पुलिस की हरकतों पर नजर रखी। इसके बाद दूसरे दिन सारे शूटर बिहार निकल गए। उधर, बिहार गई पुलिस टीम लखनऊ लौट आई है।
डीसीपी पूर्वी प्राची सिंह के मुताबिक, फुटेज से बदमाशों का चेहरा पहचान में आ गया है। इसमें एक बदमाश का हुलिया पूरी तरह से फिरदौस से मेल खा रहा है। इस बारे में और पुष्टि कराई जा रही है।
पुलिस के संदेह के घेरे में अब तक तीन नामजद आरोपियों में पहली पत्नी प्रियंका, उसका प्रेमी बिट्टू, फिरदौस और चार शूटर ही थे। वहीं वीरेंद्र ठाकुर के तीन सुरक्षाकर्मी भी संदेह के घेरे में है जो वारदात के बाद से ही लापता है। अब पुलिस ने वीरेंद्र की दूसरी पत्नी खुशबुन तारा को भी संदेह के दायरे में ले लिया है। उसके बारे में भी डिटेल खंगाली जा रही है।
पुलिस के मुताबिक वीरेंद्र उर्फ गोरख ने अपनी सुरक्षा के लिए निजी गार्ड ले रखे थे। उसने सुरक्षाकर्मियों की तैनाती जनवरी में की थी। जब उस पर हमला किया गया तो तीन सुरक्षाकर्मी घर पर मौजूद थे। लेकिन किसी ने भी अपने असलहे का प्रयोग कर वीरेंद्र के हमलावरों पर फायरिंग नहीं की। वहीं वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों के वापस जाने केबाद सभी सुरक्षाकर्मी भी अपने सारे सामान समेट कर फरार हो गये।
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जांच के दौरान फोरेंसिक टीम (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
पुलिस के मुताबिक उसी दिन से तीनों सुरक्षाकर्मियों की तलाश की जा रही थी। उनके मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लिया गया था। जब उनके मोबाइल में नये सिम डालकर सक्रिय किया गया तो उनकी लोकेशन बीकेटी मिली। पुलिस को तो एक बार लगा कि अब इस हत्याकांड की कड़ियां खुल जाएंगी। जल्द ही हत्या का राजफाश हो जाएगा। लेकिन कुछ ही घंटों में पुलिस को बड़ा झटका लगा। सुरक्षाकर्मियों ने अपना मोबाइल बीकेटी के एक गांव में फेंक दिया था। जिसे गांव के ही एक नाबालिग व दो युवकों ने बाग में पेड़ के नीचे से उठाया। उसमें दूसरा सिम लगाकर प्रयोग शुरू कर दिया। तीनों बच्चों ने बताया कि मोबाइल रविवार की सुबह पेड़ के नीचे मिले थे।