फर्जी लेफ्टिनेंट कर्नल बनकर युवतियों को फंसाने वाले शातिर को सेना की खुफिया विंग की सूचना पर हजरतगंज पुलिस ने बुधवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से पुलिस ने लाइसेंसी असलहा, ड्राइविंग लाइसेंस व कुछ अन्य दस्तावेज बरामद कर उसे जेल भेज दिया है। फर्जी रसूख व दिखावे में दर्जनों युवतियों को जाल में फंसाया। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि साइबर क्राइम सेल ने सेना खुफिया विंग की सूचना पर एक युवक को एसबीआई की कैसरबाग शाखा के पास से सफेद कार सहित दबोच लिया। पकड़ा गया फर्जी ऑफिसर मूलरुप से बहराइच के कानूनगो कॉलोनी का रहने वाला अरविंद मिश्रा है। वह लखनऊ में एक साल से अंसल सिटी में किराए के मकान में रहता था। अरविंद मिश्रा अपने आप को लेफ्टिनेंट कर्नल बताता था और अपनी कार व घर के बाहर भी लेफ्टिनेंट कर्नल की नेम प्लेट लगा रखी थी। यहीं नहीं वह वर्दी और बैच लगाकर भी चलता था।
सेना की खुफिया विंग की मदद से फर्जी लेफ्टिनेंट कर्नल गिरफ्तार, कई जरूरी दस्तावेज बरामद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्जी फेसबुक आईडी बना गांठता था दोस्ती और फंसा लेता था जाल में
पुलिस के मुताबिक, अरविंद मिश्र ने राहुल मिश्रा नाम से फेसबुक पर एक फर्जी आईडी भी बना रखी थी। वह खुद को आर्मी अफसर बताकर लड़कियों को अपने जाल में फंसाता था। अरिवंद की पहली शादी 2003 में हुई थी और 2009 में उसका तलाक हो गया था। इसके बाद उसने जम्मू कश्मीर में रहने वाली एक लड़की से दूसरी शादी की थी, जिससे उसका विवाद चल रहा था। अरविंद ने जीवन साथी डॉट कॉम पर भी प्रोफाइल बनाई थी और कई लड़कियों को फंसाया था। उनके साथ वर्दी पहनकर घूमता था और टोल प्लाजा व होटल में फर्जी सेना का अधिकारी बन कर रौब झाड़ता था।
सीडीएस में फेल हुआ, एमबीए किया पास, पर शुरू कर दिया फर्जीवाड़ा
सीओ हजरतगंज अभय मिश्रा के मुताबिक, अरविंद बेहतरीन छात्र रहा है। उसकी मां बहराइच में हेड मास्टर हैं और संपन्न परिवार के होने के चलते उसे पैसे की कमी नहीं थी। उसने 1997 में देहरादून से अर्थशास्त्र में एमए किया था। इसके बाद बहराइच के मैनेजमेंट कॉलेज से एमबीए किया था। दो बार उसने सीडीएस की लिखित परीक्षा पास की, लेकिन इंटरव्यू में वह सफल नहीं हो सका। इसके अलावा उसने कई साल कई बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में भी अधिकारी के पद पर तैनात रहा है। सेना में जाने का सपना पूरा नहीं हुआ तो उसने फर्जीवाड़ा शुरू कर दिया। फर्जा वर्दी और नेमप्लेट बनवाई। कार पर गोरखा रायफल का प्रतीक चिन्ह लगाकर घूमने लगा।
इतना कुछ मिला आरोपी के पास
पुलिस ने उसके पास से लेफ्टीनेंट कर्नल अरविंद मिश्रा के नाम का ड्राइविंग लाइसेंस, एक लाइसेंस अरविंद मिश्रा के नाम का और हरियाणा नंबर की इंडिको कार जो कि कर्नल हरियाणा के पते पर पंजीकृत है। इसके अलावा शस्त्र लाइेंसस रिवॉल्वर, एक रिवॉल्वर, दो एटीएम, डेबिट कार्ड, वालमार्ट मेंबरशिप कार्ड व 3 मोबाइल के अलावा कई अन्य दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
चालक को भी पहनाता था सेना की वर्दी
पुलिस के मुताबिक, अरविंद अपने कार चालक को भी सेना की वर्दी पहनाता था। अक्सर वह चालक भी बदलता था। वह चालक को दिन के हिसाब से बुलाता था। एक चालक को दो से तीन दिन तक साथ रखा फिर जगह के साथ चालक भी बदल देता था।