छात्राएं बोलीं, SSP सर आपकी पुलिस ही छेड़ती है हमें, DGP ने कहा Sorry
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कॉलेज की एक छात्रा को सिपाही द्वारा परेशान किए जाने की घटना के खुलासे के बाद एक के बाद एक कई छात्राओं ने पुलिस द्वारा अपने साथ हुई बत्तमीजी का खुलासा किया। इन घटनाओं को सुनने के बाद प्रदेश के डीजीपी सुलखान सिंह ने छात्राओं के साथ हुई बदसलूकी के लिए माफी मांगी। पढ़िये छात्राओं की आपबीती-
आपबीती-एक: दिन का समय था। हम कुछ दोस्त (लड़के-लड़कियां) कहीं घूमने निकले थे। रास्ते में कुछ पुलिसवाले कई बार हमारे आगे पीछे से चक्कर लगाकर निकले। कुछ देर तक हम पर निगाह रखीं। फिर मुझे रोका और बोला, तुम लड़के-लड़कियां घूमते हो। फिर शिकायत करती हो कि हमारे साथ छेड़खानी होती है। घूमना-फिरना बंद करो, शिकायत लेकर हमारे पास मत आना।
आपबीती-दो: हमारे कॉलेज में डीजे नाइट थी। मैं, मेरी एक सहेली और एक दोस्त, सेल्फी लेने बाहर निकले। रात 11 बजे थे, वहां से गुजरे चंद पुलिसवालों ने कार बुलाई, जबरदस्ती हमें बैठाया और थाने ले गए। मैंने कहा भी की शाम छह बजे के बाद बिना महिला कांस्टेबल किसी लड़की को यूं नहीं ले जाया जा सकता, पर हमें अभद्रता कर चुप करा दिया गया। मुझे, मेरे पापा को गाली दी। मुझे और सहेली को छोड़ दिया, पर हमारे दोस्त को सुबह दस बजे तक बैठाए रखा और 3500 रुपये भी लिए। इसके बाद एक पुलिसवाले भइया ने मेरी कुछ फोटो कहीं से डाउनलोड की और उसके साथ मैसेज करना शुरू कर दिया।
लखनऊ को वीमेन फ्रेंडली बनाना, सीएम योगी के एजेंडे में शीर्ष पर है। बेटियों को बहादुरी का पाठ पढ़ाना तो ठीक है। पर इसके साथ आला अफसरों को अपने विभाग के लोगों की मानसिकता भी बदलनी होगी। उन्हें महिलाओं का सम्मान कैसे किया जाता है, इसका पाठ भी पढ़ाना होगा। अब देखने वाली बात तो यह होगी कि सुरक्षा के दावों से इतर क्या पुलिस विभाग की मानसिकता की भी ‘ओवरहॉलिंग’ की जाएगी। यदि ऐसा हो सका, तो निश्चित तौर पर नारी सुरक्षा सप्ताह मनाना सार्थक होगा।