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पुजारी पर हमला: 120 बीघे जमीन के लिए तीन साल से चल रहा था खूनी खेल, 30 बीघे पर पहले से ही दबंगों का कब्जा

Mon, 12 Oct 2020 07:58 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव गोंडा/अमर उजाला, लखनऊ
गोंडा/अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 12 Oct 2020 07:58 PM IST
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criminals shot priest for 120 bigha land in gonda, case filed
गोली लगने से घायल पुजारी सम्राट दास, राम जानकी मंदिर - फोटो : अमर उजाला

कभी जहां महर्षियों की ऋचाएं गूंजती थीं आज वहां पर खूनी खेल हो रहा है। लाखों की आस्था से जुड़े तिर्रेमनोरमा स्थित मंदिर की 30 बीघे भूमि पर पहले से ही दबंगों का कब्जा है। शेष 120 बीघा कृषि योग्य भूमि कब्जाने के लिए खूनी खेल बीते तीन साल से हो रहा है। भूमि को कब्जाने के लिए कानूनी दांवपेंच में सफल न होने पर अब लाठी और गोली का सहारा लिया जा रहा है। स्थिति यह है कि मंदिर के महंत सीताराम दास की शिकायत के बाद भी स्थानीय पुलिस ने दबंगों की करतूत से आंखें फेर रखी थी।



जिसका अंजाम यह हुआ कि पुजारी अतुल बाबा उर्फ सम्राट दास को मंदिर में घुसकर गोली मार दी गई। घटना से यह संदेश दिया गया है कि भूमि पर खेती न करने दिया गया तो अंजाम बुरा होगा। अब पुलिस जिनको सरगर्मी से खोज रही है उनको पहले सिर आंखों बैठाए हुए थी। महर्षि उद्दालक के आश्रम और पवित्र मनवर नदी का उद्गम स्थल होने के कारण श्रीराम जानकी मंदिर का पौराणिक महत्व है। यहां पर हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर मेला लगता है जिसमें कई जिलों से लोग आते हैं।

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पुजारी सम्राट दास - फोटो : अमर उजाला

मंदिर से जुड़े लोग बताते हैं कि गांव के प्रधान रहते समय ही अमर सिंह ने भूमि पर कब्जा करने के इरादे जता दिए थे। महंत सीताराम दास कहते हैं कि इन लोगों ने मंदिर की भूमि पर कब्जा करके दुकान, घर व तालाब बना लिए हैं। इसमें प्रमुख भूमिका पूर्व प्रधान अमर सिंह की ही है। वह आए दिन मंदिर के काम में दखल देते हैं। हालांकि, महंत ने प्रशासन के सहयोग से 120 बीघे भूमि खाली करा ली थी। अब उसी भूमि पर फिर से कब्जा करने के लिए तीन साल से मंदिर के लोगों की घेराबंदी की जा रही है। कई हथकंडे अपनाने के बाद भी जब उन्हें सफलता नहीं मिली तो दो साल पहले महंत सीताराम दास पर हमला हुुआ था। जिसका मुकदमा दर्ज हुआ और गैंगेस्टर के तहत पूर्व प्रधान अमर सिंह व उनके साथियों पर कार्रवाई हुई। शनिवार की देर रात करीब दो बजे गोली कांड के समय सुरक्षा में होमगार्ड तैनात थे।

घटना के एक घंटे बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक
तिर्रेमनोरमा के श्रीराम जानकी मंदिर में पुजारी को गोली मारे जाने के घटना की जानकारी होने पर पुलिस अधीक्षक शैलेष कुमार पांडेय एक घंटे बाद पहुंचे। जिसके बाद गांव की घेराबंदी की गई और पूरे इलाके में सर्च अभियान चलाया गया। एसपी ने कहा कि घटना में कड़ी कार्रवाई होगी। आरोपियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। मंदिर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है ।

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महंत सीताराम दास - फोटो : अमर उजाला

महंत सीताराम दास ने पहले ही जताई थी हमले की आशंका
महंत सीताराम दास ने पहले ही थानाध्यक्ष संदीप सिंह को फोन करके जानकारी दी थी कि कुछ लोगों ने मंदिर के पास बम फोड़ा है। महंत व एसओ की बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ है जिसमें वह थानाध्यक्ष को बता रहे हैं कि कुछ लोगों ने मंदिर के पास बम फोड़ा है हालांकि एसओ इससे इंकार करते हैं।

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पुजारी अतुल बाबा - फोटो : अमर उजाला

हिन्दू युवा के जिलाध्यक्ष ने ली घटना की जानकारी
हिन्दू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष शारदा कांत पांडेय रामजानकी मंदिर पहुंचे। उन्होंने महंत से घटना के विषय में जानकारी ली। एसओजी टीम ने घटनास्थल पर जांच कर लोगों से पूछताछ की है। जानकारी के अनुसार, मंदिर के दाहिनी तरफ फर्श पर पुजारी सो रहे थे। वहीं बाहर दो होमगार्ड भी ड्यूटी पर मौजूद थे। करीब 1:00 बजे हुई वारदात के बाद बगल के ही दूसरे कमरे में सो रहे महंत ने गांव वालों को सूचना देकर पुजारी को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया।
 

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तिर्रेमनोरमा स्थित राम जानकी मंदिर। - फोटो : अमर उजाला

25 साल की कानूनी लड़ाई के बाद मिली थी मंदिर की भूमि
राम जानकी मंदिर की भूमि को बेचने की एक बार और कोशिश हो चुकी है। जिसे मंदिर से ही जुड़े लोगों ने कोर्ट के जरिए खारिज करा दिया। तिर्रेमनोरमा के रामबहादुर दास ने बताया कि करीब 30 साल पहले पंजाब के खन्ना जिले के एक व्यवसायी ने मंदिर के पुजारी बाल कृष्ण दास से मिलकर करीब 61 बीघे जमीन अपने नाम करा ली थी। जब इसकी जानकारी मंदिर समिति को हुई तो पुजारी को मंदिर से बेदखल कर दिया गया और भूमि को कब्जे से मुक्त कराने को लेकर एक वाद जिला न्यायालय में दाखिल कराया गया। करीब 25 साल की सुनवाई के बाद 2012 में जमीन वापस राम जानकी मंदिर को मिल सकी।

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