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जवान बेटों की अर्थी को पिता ने दिया कंधा, शव देख लिपट पड़ी 10 साल की मासूम

Wed, 10 Jul 2019 03:34 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 10 Jul 2019 03:34 PM IST
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cremation of lucknow's people who died in agra bus accident
हादसे ने छीनीं खुशियां - फोटो : अमर उजाला

अभी रविवार रात तक उन घरों में खुशियां थीं। सोमवार की भोर आई मनहूस खबर ने यकायक सब कुछ तहस-नहस कर दिया। खुशियां असहनीय दर्द में और दर्द चीखों में बदल गया। दो दिन पहले तक जिनसे घर रोशन था, वहां मंगलवार शाम खामोश आंसुओं के बीच बस सन्नाटा पसरा था। यमुना एक्सप्रेस वे पर आगरा में जनरथ बस हादसे का शिकार हुए लखनऊ के 13 लोगों का मंगलवार को अंतिम संस्कार किया गया तो हर आंख नम थी।

cremation of lucknow's people who died in agra bus accident
हादसे ने छीनीं खुशियां - फोटो : अमर उजाला
आगरा बस हादसे में लखनऊ के 13 लोगों की मौत हुई है। आठ घरों में बुजुर्ग पिताओं के कंधे पर जवान बेटों की अर्थी उठी। तो पूरा इलाका रो पड़ा। आंखों में आंसू के साथ ही परिवार की जिम्मेदारी दिख रही थी। हादसे में मृतकों के घर सुबह से प्रदेश सरकार के मंत्री व विधायकों का आना-जाना लगा रहा। लोग परिवारीजनों को ढांढस बंधाते रहे।

 

cremation of lucknow's people who died in agra bus accident
हादसे ने छीनीं खुशियां - फोटो : अमर उजाला

बुजुर्ग पिता ने दी जवान बेटे को मुखाग्नि

इंदिरानगर सेक्टर-11 निवासी आकाश श्रीवास्तव के  पिता सतीश चंद्र श्रीवास्तव एचएएल से रिटायर्ड है। सोमवार को हादसे की खबर पहुंची तो पूरे घर में कोहराम मच गया। देर रात आकाश का शव घर पहुंचा। बेटे का शव देख पिता और मां बदहवास हो गए। मंगलवार सुबह रिश्तेदारों व परिचितों के साथ बुजुर्ग पिता सतीश चंद्र ने अपने जवान बेटे की अर्थी को कंधा दिया। बैकुंठधाम में मुखाग्नि दी।


 

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हादसे ने छीनीं खुशियां - फोटो : अमर उजाला
अविनाश का शव देख परिवार बदहवास
मड़ियांव के केशवनगर-2 निवासी अंशुमान अवस्थी  के बेटे अविनाश अवस्थी का शव सोमवार देर रात घर पहुंचा। मंगलवार सुबह बैकुंठ धाम में अविनाश का अंतिम संस्कार किया गया। पिता अंशुमान ने जवान बेटे को मुखाग्नि दी। वहीं घर पर मां व बहन का बुरा हाल था। मां बेहोश हो गई। वकीलों ने सेंट्रल बार एसोसिएशन में शोक सभा की। अंतिम संस्कार में राजधानी के वरिष्ठ अधिवक्ता व विधायक, मंत्री शामिल हुए।


 
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हादसे ने छीनीं खुशियां - फोटो : अमर उजाला
देर रात पढ़ी गई इख्तकाब के जनाजे की नमाज
उधर इंदिरानगर के गायत्री मार्केट स्थित सेक्टर 11 में आफताब अहमद के बेटे इख्तकाब का शव देर रात घर पहुंचा। देर रात को जनाजे की नमाज पढ़ी गई। इसके बाद पास के कब्रिस्तान में दफन किया गया। पिता का शव देखते ही 10 साल की मासूम बेटी इश्मत लिपट कर रोने लगी। तो वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। उधर गौसनगर में रहने वाली अरीबा खान को देर रात को ही सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
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