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लखनऊः सौतेले पिता ने जैसे ही चारों चिताओं को दी मुखाग्नि तो सबकी आंखों से छलक आए आंसू

Mon, 20 Jan 2020 11:53 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 20 Jan 2020 11:53 AM IST
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cremation of four bodies together in lucknow
पिंटू गुप्ता,आरती गुप्ता, नैतिक और नेहा गुप्ता (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ में गुडंबा के शिवानी विहार में चालक पिंटू गुप्ता अपने दो मासूम बच्चों का तकिए से मुंह दबाकर और पत्नी का गला घोंट खुद फांसी पर लटक गया था, रविवार को पोस्टमार्टम में यह बात सामने आई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिए। शाम को बैकुंठ धाम पर चारों शवों का एक  साथ अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ चारों चिताओं को मुखाग्नि सौतेले पिता हरिशंकर ने दी। जैसे ही उन्होंने चिता में आग लगाई वहां मौजूद लोगों के आंखों से आंसू छलक आए। श्मशान घाट का यह मंजर वहां मौजूद लोगाें के जेहन में चस्पा हो गया। सभी चारों मौत की वजह तलाशते आपस में बात करते नजर आए।
cremation of four bodies together in lucknow
घर के आसपास लोगों की जमा भीड़ - फोटो : अमर उजाला
एसीपी गाजीपुर दीपक कुमार सिंह के मुताबिक, मूलरूप से वाराणसी के भेलूपुर स्थित खोजवा निवासी पिंटू गुप्ता (32), आरती (28), नेहा (8) और  नैतिक (6) के साथ शिवानी विहार में छोटेलाल राजवंशी के मकान में किराए पर रहता था। वह रेलवे से रिटायर मकान मालिक छोटेलाल की गाड़ी भी चलाता था। पत्नी आरती घर में खाना बनाने का काम करती थी। पिंटू ने शुक्रवार रात पत्नी आरती का गला घोंट दिया। वहीं दोनों बच्चों का मुंह तकिए से दबाकर हत्या कर दी।
cremation of four bodies together in lucknow
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद खुद फांसी लगा ली। शनिवार सुबह मकान मालिक के पोतों को स्कूल जाना था। पिंटू नहीं आया तो वह बुलाने गए। उस वक्त इस वारदात का खुलासा हुआ। पिंटू का दरवाजा अंदर से बंद था। पड़ोसी ने खिड़की से झांककर देखा तो पिंटू का शव फंदे से लटकता दिखा। इसकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो आरती, नेहा और नैतिक के शव बेड पर पड़े थे। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था।
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- फोटो : अमर उजाला
तीनों को सोने के दौरान ही उतारा था मौत के घाट
प्रभारी निरीक्षक रीतेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, पिंटू ने अपने परिवार की हत्या उस वक्त की जब सभी गहरी नींद में सो रहे थे। किसी को भी संघर्ष करने का मौका नहीं मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि पिंटू ने अपने दोनों बच्चों का मुंह तकिए से दबाया था। जिससे उनका दम घुट गया। पत्नी आरती की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद खुद फांसी लगा ली।
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परिवारीजन - फोटो : अमर उजाला
उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग मिली है। पिंटू की मां बेबी और सौतेले पिता हरिशंकर वर्मा शिवानी विहार कॉलोनी में ही रहते हैं। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने चारों शव हरिशंकर को सुपुर्द किए। उन्होंने परिवारीजनों व कॉलोनी के लोगों की मौजूदगी में शाम को बैकुंठ धाम पर चारों शव का अंतिम संस्कार किया।

 
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