गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत के मामले में कांग्रेस ने सोमवार को लखनऊ में विधानसभा मार्ग जाम कर दिया। जीपीओ पार्क में धरना देने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ऑफिस का घेराव करने जा रहे कांग्रेसियों को जब पुलिस ने रोका तो वे जमीन पर बैठ गए। करीब दो घंटे तक कांग्रेसी जब नहीं उठे तो पुलिस ने बल प्रयोग कर जबरन बसों में बैठाकर इन्हें गिरफ्तार किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर के नेतृत्व में कांग्रेसी दोपहर में जीपीओ पार्क स्थित गांधी प्रतिमा पर एकत्र हुए। उन्होंने कहा, गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में 70 बच्चे मरे नहीं, बल्कि इन्हें मारा गया है। ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत हुई है। इस घटना के दोषियों पर आईपीसी की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए। प्रदेश सरकार पर नरसंहार का मुकदमा चलना चाहिए।
राज बब्बर ने प्रदर्शन के दौरान प्रदेश सरकार की तुलना कंस से की। कहा कि आज जन्माष्टमी का मौका है, याद करिए एक वह कंस था जिसने बच्चों की हत्या कराई थी। आज यूपी सरकार है जिसने गोरखपुर में ‘बाल संहार’ किया है। (कांग्रेसियों ने यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्घार्थ नाथ सिंह की तस्वीर पर चप्पल मारे।)
भीड़ देखकर उत्साहित हुए प्रदेश अध्यक्ष
कांग्रेसी जीपीओ पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने आए थे। कार्यक्रम भी श्रद्धांजलि सभा का था, लेकिन जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह देखा तो उन्होंने सीएम ऑफिस कूच करने की घोषणा कर दी।
पुलिस ने जीपीओ गेट से पहले ही बैरिकेडिंग कर इन्हें रोक दिया। राज बब्बर सड़क पर धरना देने लगे। उनके साथ विधायक आराधना मिश्रा मोना भी बैठी थीं। बाद में महिला पुलिस ने आकर सबसे पहले मोना को उठाया। इसके बाद एक-एक कर सभी नेताओं को उठाकर बसों में बैठा दिया। गिरफ्तारी देने वालों में वीरेंद्र मदान, गौरव चौधरी, शैलेंद्र तिवारी, मुकेश चौहान आदि थे। (प्रदर्शन करते कांग्रेसी)