यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य विधानमण्डल के बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष के रवैये की आलोचना करते हुए तल्ख टिप्पणियां कीं।
उन्होंने कहा 'अगर किसी को लगता है कि वह जितनी उद्दंडता कर लेगा, जितनी जोर से सदन में चिल्ला लेगा, उसके लिए उसकी तारीफ होगी, तो मुझे लगता है कि यह उसकी गलतफहमी है। जनता इसको बहुत अच्छे ढंग से नहीं लेती है।'
मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष खासकर सपा सदस्यों पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, 'नेता विरोधी दल (अहमद हसन) को छोड़ दें तो उनके जो अन्य सहयोगी हैं, उनसे बहुत उम्मीद भी नहीं की जाती। उनका बहुत पुराना इतिहास भी रहा है महिलाओं का अपमान करने का। स्टेट गेस्ट हाउस कांड कौन नहीं जानता? इन लोगों का जो इतिहास रहा है, उसको देखते हुए हर व्यक्ति इस बात को जानता है कि कैसे-कैसे कृत्य हुए हैं, लेकिन सदन के अंदर तो कम से कम इन चीजों को बचाकर के रखिए।'
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
इस दौरान किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का जिक्र आने पर विपक्षी सदस्यों की आपत्ति पर मुख्यमंत्री ने उन्हें बात सुनने की नसीहत दी और कहा, 'मैं जानता हूं कि आप लोग किस प्रकार की भाषा सुनते हैं। उसी प्रकार का डोज भी मैं समय-समय पर देता हूं।'
इस पर सपा सदस्य नरेश उत्तम ने आपत्ति करते हुए कहा, 'मुख्यमंत्री बार-बार ठीक कर दूंगा, डोज़ दे दूंगा की बात करते हैं। मुख्यमंत्री खुद योगी हैं। उन्हें इस तरह की भाषा नहीं बोलनी चाहिए।'
इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री और सपा सदस्यों के बीच काफी तीखी नोकझोंक हो गई। योगी ने सपा सदस्यों को शिष्टाचार सीखने की नसीहत दी और कहा, 'जो जिस भाषा को समझेगा, उसे उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा।' इस दौरान सपा के सदस्य खड़े होकर विरोध जताने लगे तो सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए उन्हें बैठकर मुख्यमंत्री की बात सुनने को कहा।
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मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कोरोना जैसी महामारी से जहां विश्व की बड़ी-बड़ी अर्थव्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने कोरोना के खिलाफ प्रभावशाली ढंग से लड़ाई लड़ी। भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जिसने कोरोना की दो वैक्सीन दी है। जब कोरोना के मामले आना शुरू हुए तो उत्तर प्रदेश में टेस्ट करने क्षमता नहीं थी लेकिन आज यह स्थिति है कि यूपी के पास हर रोज दो लाख टेस्ट करने की क्षमता है। हर जिले में आईसीयू और वेंटिलेटर की व्यवस्था की है। आज के जो आकड़े हैं उसके अनुसार, प्रदेश में सिर्फ 2000 कोरोना संक्रमित मरीज हैं।