{"_id":"5b90d267867a5501370eea93","slug":"celebration-for-ganesh-chaturthi-in-lucknow","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"गणेश चतुर्थी: गिरते रुपये को संभालेंगे तो कहीं पेट्रोल के बढ़ते दाम थामेंगे बप्पा, ये होंगे आयोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गणेश चतुर्थी: गिरते रुपये को संभालेंगे तो कहीं पेट्रोल के बढ़ते दाम थामेंगे बप्पा, ये होंगे आयोजन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 07 Sep 2018 12:02 PM IST
विज्ञापन
गहनों से लदे गणपति
- फोटो : amar ujala
गणेश चतुर्थी को लेकर लखनऊ में तैयारियां शुरू हो गई है। 13 सितंबर से अलग-अलग थीम और संदेश के साथ गजानन पंडालों में विराजेंगे। कहीं गिरते रुपये को संभालेंगे तो कहीं बढ़ती पेट्रोल की कीमतों को थामने को विराजेंगे। कहीं पर्यावरण संरक्षण तो कहीं बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश देंगे। शहर के कई बड़े गणेश पूजा पंडालों की सजावट, थीम, संदेश सहित अन्य आयोजनों को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है।
प्रतिमा पर रंग भरता कारीगर
- फोटो : amar ujala
श्री शुभ संस्कार समिति के लक्ष्मीकांत पांडेय व रिद्धि गौड़ ने बुधवार को बताया कि 19वां श्रीगणेश जन्मोत्सव 13 से 18 सितंबर तक बड़ा शिवाला रानी कटरा चौपटिया में धूमधाम से मनाया जाएगा। इस बार गजानन रुपये की गिरती स्थिति को संभालते नजर आएंगे। गणेश प्रतिमा ईको फ्रेंडली होगी। पूजा पंडाल में प्लास्टिक थैलियों के विरोध में भक्तों को कपड़ों के थैले वितरित किए जाएंगे। साथ ही उन्हें संकल्प दिलाया जाएगा कि भविष्य में पॉलिथीन का उपयोग नहीं करें।
गणेश प्रतिमा पर रंग भरता कारीगर
- फोटो : amar ujala
गोमती किनारे विराजेंगे सबसे बड़े बप्पा
सबसे बड़े बप्पा ‘मनौतियों के राजा’ गोमती किनारे झूलेलाल घाट पर विराजेंगे। आयोजन से जुड़े सतीश अग्रवाल ने बताया कि हर साल करीब 1 लाख मनौतियों की चिट्ठियां पाने वाले बप्पा के दरबार में करीब 5 लाख भक्तों के जुटने की उम्मीद है। हर साल की तरह इस बार भी गणेश पूजा पंडाल अलग थीम पर तैयार किया जा रहा है। एक बार बन चुके पंडाल को खोलकर नई थीम पर सजाया जा रहा है। इस बार भी गणेश प्रतिमा का भू-विसर्जन होगा ताकि लोगों को संदेश जाए कि नदियों को प्रदूषित नहीं करना है। श्रीगणेश प्राकट्य महोत्सव में गृहमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के आने की उम्मीद है।
सबसे बड़े बप्पा ‘मनौतियों के राजा’ गोमती किनारे झूलेलाल घाट पर विराजेंगे। आयोजन से जुड़े सतीश अग्रवाल ने बताया कि हर साल करीब 1 लाख मनौतियों की चिट्ठियां पाने वाले बप्पा के दरबार में करीब 5 लाख भक्तों के जुटने की उम्मीद है। हर साल की तरह इस बार भी गणेश पूजा पंडाल अलग थीम पर तैयार किया जा रहा है। एक बार बन चुके पंडाल को खोलकर नई थीम पर सजाया जा रहा है। इस बार भी गणेश प्रतिमा का भू-विसर्जन होगा ताकि लोगों को संदेश जाए कि नदियों को प्रदूषित नहीं करना है। श्रीगणेश प्राकट्य महोत्सव में गृहमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के आने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
तैयार होता पंडाल
- फोटो : amar ujala
खास होगा हॉन्टेड हाउस
शहर में पहली बार किसी गणपति पूजा पंडाल में नन्हे श्रद्धालुओं के लिए हॉन्टेड हाउस बनवाया जा रहा है। करीब 2 हजार स्क्वॉयर फीट से अधिक में बनकर तैयार हो रहे इस भूतिया घर में डायनासोर, खतरनाक जानवर के मॉडल रहेंगे, जिन्हें कारीगर लाइट एंड साउंड इफेक्ट से सजीव अहसास कराएंगे। मेरठ के कलाकारों का दल पर पंडाल बनाने में जुटे हैं।
शहर में पहली बार किसी गणपति पूजा पंडाल में नन्हे श्रद्धालुओं के लिए हॉन्टेड हाउस बनवाया जा रहा है। करीब 2 हजार स्क्वॉयर फीट से अधिक में बनकर तैयार हो रहे इस भूतिया घर में डायनासोर, खतरनाक जानवर के मॉडल रहेंगे, जिन्हें कारीगर लाइट एंड साउंड इफेक्ट से सजीव अहसास कराएंगे। मेरठ के कलाकारों का दल पर पंडाल बनाने में जुटे हैं।
विज्ञापन
तैयार होता पंडाल
- फोटो : amar ujala
अमीनाबाद के राजा के दरबार में अटलजी को किया जाएगा नमन
अमीनाबाद के राजा गणपति पूजा पंडाल में भारत रत्न दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को नमन किया जाएगा। भक्त अतुल अवस्थी ने बताया बप्पा की पांच फीट से अधिक ऊंची हंस सवार प्रतिमा नासिक से मंगवाई गई है। हंस इसलिए ताकि उसके नीर-क्षीर सिद्धांत पर लोग समाज की अच्छाइयां ग्रहण करें, बुराइयों से दूर रहे। उन्होंने बताया कि चूंकि अटलजी ने जीवन का अधिकतर हिस्सा अमीनाबाद में बिताया, इसलिये उनकी पुरानी तस्वीरों से यादों को सहेजते हुए उन्हें भी हर दिन नमन किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम, पूजन के अलावा हर दिन अलग-अलग भोग बंटेगा। 13 से 19 तक पूजन के बाद 19 को विसर्जन होगा।
अमीनाबाद के राजा गणपति पूजा पंडाल में भारत रत्न दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को नमन किया जाएगा। भक्त अतुल अवस्थी ने बताया बप्पा की पांच फीट से अधिक ऊंची हंस सवार प्रतिमा नासिक से मंगवाई गई है। हंस इसलिए ताकि उसके नीर-क्षीर सिद्धांत पर लोग समाज की अच्छाइयां ग्रहण करें, बुराइयों से दूर रहे। उन्होंने बताया कि चूंकि अटलजी ने जीवन का अधिकतर हिस्सा अमीनाबाद में बिताया, इसलिये उनकी पुरानी तस्वीरों से यादों को सहेजते हुए उन्हें भी हर दिन नमन किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम, पूजन के अलावा हर दिन अलग-अलग भोग बंटेगा। 13 से 19 तक पूजन के बाद 19 को विसर्जन होगा।