दुष्कर्म के आरोप में सीबीआई की गिरफ्त में आए विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और सह आरोपी शशि सिंह को सीबीआई की टीम सोमवार को उन्नाव के माखी में क्राइम सीन पर ले जा सकती है। वहीं पीड़िता का सामना विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और सह अभियुक्त शशि सिंह से कराया जाएगा।
उन्नाव रेपकांड में नया मोड़, पीड़िता का चचेरा भाई लापता, सेंगर परिवार पर गायब कराने का आरोप
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अब पीड़िता का चचेरा भाई लापता
सीबीआई जांच के बीच पीड़िता के चाचा ने अपने बेटे के लापता होने की बात कही है। उसने कहा कि उनका चचेरा भाई तीन दिन से लापता है। उसके फोन भी बंद मिल रहे हैं। हालात से लगता है कि उसे सेंगर परिवार ने उसे गायब करवाया है।
धमकी दे रहा विधायक का भाई
पीड़िता के चाचा ने जेल के एक बंदी रक्षक का नाम लेते हुए कहा है कि बंदी रक्षक महेंद्र सिंह के मोबाइल से विधायक का भाई अतुल धमकियां दे रहा है। उसने अतुल से अपनी और परिवार की जान को खतरा बताया है।
दोषी पाए गए तो कप्तान पर भी कार्रवाई : डीजीपी
(बुलंदशहर)। डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि उन्नाव दुष्कर्म मामले में अगर सीबीआई जांच में एसएसपी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मामले में लापरवाही बरतने पर कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जा चुकी है।
डीजीपी ने कहा कि यूपी पुलिस की सिफारिश पर ही मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। उन्नाव कांड से जुड़े सवाल पर डीजीपी ने कहा कि दलित युवती से दुष्कर्म और संदिग्ध परिस्थितियों में उसके पिता की जेल में मौत का मामला गंभीर है। लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है। फिलहाल सीबीआई मामले की जांच में जुटी है।
पांच दिन बाद गेस्ट हाउस में शिफ्ट हुआ पीड़ित परिवार
(उन्नाव)।सीबीआई टीम के बार-बार आने की अफवाहों से प्रशासन और मीडिया परेशान रही। होटल की सुरक्षा व्यवस्था चौक चौबंद रही। एक मजिसट्रेट की तैनाती रही। दोपहर लगभग ढाई बजे पुलिस ने किशोरी व उसके परिजनों को गेस्ट हाउस में शिफ्ट किया। आस-पास कड़ी सुरक्षा का भी बंदोबस्त किया गया। इससे पहले होटल में रेप पीड़िता व उसके 26 परिजनों का डॉक्टरों की तीन सदस्यीय टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण किया।
मोबाइल को बनाया हथियार
(उन्नाव)। विधायक के खिलाफ किशोरी की फरियादों की अनसुनी, बार-बार तहरीर बदलने और सुलह के लिए मिलीं धमकियों से परेशान दिल्ली में रहकर कारोबार करने वाले चाचा ने न्याय पाने के लिए मोबाइल को हथियार बना लिया। अफसरों से लेकर विधायक और उनके भाई से हुई हर फोन काल की रिकार्डिंग को सुरक्षित रखा। व्हाट्सएप, ट्वीटर और फेसबुक के जरिए अपनी बात अफसरों व मीडिया तक पहुंचाई। इसके चलते ही विधायक पर मुकदमा दर्ज हुआ। सीबीआई ने भी काल रिकार्डिंग की कॉपी कब्जे में ली हैं।
विधायक और डॉक्टरों के बीच कनेक्शन की तलाश
न्यायिक हिरासत में बंदी की मौत (किशोरी के पिता) के मामले की पड़ताल में सीबीआई ने जिला अस्पताल के डॉक्टरों और विधायक या उनके नजदीकी के बीच कनेक्शन तलाशने शुरू कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक बंदी को जेल भेजते वक्त मेडिकल में गंभीर चोटों को नजरअंदाज करने के साथ ही जेल में तबीयत खराब होने के दौरान जेल में और बाद में जिला अस्पताल में उपचार करने वाले डॉक्टरों के मोबाइल नंबर लेकर सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है।
सीबीआई को शक है कि बंदी की मौत के मामले में लापरवाह पाए गए डॉक्टरों ने विधायक के दबाव में काम किया। हो सकता है कि इसके लिए विधायक की डॉक्टरों से फोन पर बातचीत भी हुई हो। सीएमओ कार्यालय का एक बाबू भी सीबीआई के रडार पर है। सभी के मोबाइल फोन की काल डिटेल खंगाली जा रही है।