उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अफसरों की लापरवाही के चलते ड्राइवर कृपाशंकर चौधरी को लखनऊ से दिल्ली रूट पर जाना पड़ा था। जबकि उसने ड्यूटी लगाने वालों से कहा था कि उसे दिल्ली रूट की जानकारी नहीं है। अवध डिपो के साथी चालकों ने बताया कि चौधरी की रविवार रात 10 बजे लखनऊ से गाजीपुर जाने वाली जनरथ बस पर ड्यूटी लगी थी। वह डिपो से जनरथ लेकर आलमबाग टर्मिनल पहुंचे तो गाजीपुर की महज दो सवारी होने के कारण स्टेशन प्रभारी ने डिपो सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक आमरीन अख्तर से बातचीत के बाद जनरथ का संचालन निरस्त कर दिया।
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आगरा बस हादसे पर बड़ा खुलासा, ड्राइवर रूट से अनजान था, फिर भी उसे ही भेज दिया
Tue, 09 Jul 2019 05:13 PM IST
ishwar ashish
नरेश शर्मा/अमर उजाला, लखनऊ
नरेश शर्मा/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 09 Jul 2019 05:13 PM IST
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आलमबाग टर्मिनल पर दिल्ली की सवारी होने के कारण स्टेशन प्रभारी ने अफसरों की रजामंदी के बाद गाजीपुर जाने वाली जनरथ बस को दिल्ली के लिए डायवर्ट कर दिया। इसकी जानकारी होने पर ड्राइवर कृपाशंकर ने स्टेशन प्रभारी व ड्यूटी क्लर्क को रूट से अनजान होने की बात कही।
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इसके बावजूद उसकी ड्यूटी में बदलाव नहीं किया गया तो कृपाशंकर को मजबूरन रात 11 बजे जनरथ बस लेकर दिल्ली रूट पर रवाना होना पड़ा। साथियों ने बताया कि कृपाशंकर ने लखनऊ से गाजीपुर, वाराणसी और गोरखपुर रूट पर सर्वाधिक जनरथ बस चलाई थी।
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अवध डिपो में ड्यूटी का नहीं अलॉटमेंट
अवध डिपो में अधिकतर चालकों एवं परिचालकों की ड्यूटी का अलॉटमेंट नहीं है। कमाई वाले रूट पर चंद चालक व परिचालक की ड्यूटी का अलॉटमेंट किया गया है। रोडवेज कर्मचारी परिषद के प्रांतीय महामंत्री गिरीश चंद्र मिश्र ने बताया कि जिस चालक को रूट अलॉट होता है, उसे उस रूट पर बस चलाने में सहूलियत होती है। उसको रूट के अंधे मोड़, नहर, नदी व नाला के पुल और मुड़ने वाले चौराहों की जानकारी रहती है। इससे वह संभल कर बस चलाता है। वहीं, अन्य चालकों को नए रूट पर बस को चलाने में परेशानी होती है।
अवध डिपो में अधिकतर चालकों एवं परिचालकों की ड्यूटी का अलॉटमेंट नहीं है। कमाई वाले रूट पर चंद चालक व परिचालक की ड्यूटी का अलॉटमेंट किया गया है। रोडवेज कर्मचारी परिषद के प्रांतीय महामंत्री गिरीश चंद्र मिश्र ने बताया कि जिस चालक को रूट अलॉट होता है, उसे उस रूट पर बस चलाने में सहूलियत होती है। उसको रूट के अंधे मोड़, नहर, नदी व नाला के पुल और मुड़ने वाले चौराहों की जानकारी रहती है। इससे वह संभल कर बस चलाता है। वहीं, अन्य चालकों को नए रूट पर बस को चलाने में परेशानी होती है।
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ओवरटेक करने में हादसा होने का अंदेशा
परिवहन निगम लखनऊ परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक पीके बोस ने सोमवार को मौका मुुआयना करने के बाद अंदेशा जताया कि ओवरटेक करने के दौरान हादसा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि जिस बस के चालक ने आगरा टोल पर पांच मिनट पहले ही टैक्स चुकाया हो उसे बस चलाने के दौरान झपकी नहीं आ सकती है।
परिवहन निगम लखनऊ परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक पीके बोस ने सोमवार को मौका मुुआयना करने के बाद अंदेशा जताया कि ओवरटेक करने के दौरान हादसा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि जिस बस के चालक ने आगरा टोल पर पांच मिनट पहले ही टैक्स चुकाया हो उसे बस चलाने के दौरान झपकी नहीं आ सकती है।