{"_id":"5c70f6c4bdec22738166715c","slug":"candidates-of-lucknow-selected-in-uppcs-exam","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"यूपीपीसीएस में परचम लहराने वाले मेधावी बोले, सफलता के लिए 18 घंटे नहीं ध्यान से पढ़ना जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपीपीसीएस में परचम लहराने वाले मेधावी बोले, सफलता के लिए 18 घंटे नहीं ध्यान से पढ़ना जरूरी
Sat, 23 Feb 2019 01:02 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 23 Feb 2019 01:02 PM IST
विज्ञापन
पीसीएस होनहार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित पीसीएस-2016 का परिणाम शुक्रवार शाम जारी कर दिया गया। इसमें लखनऊ के मेधावियों ने परचम लहराया। जाहिर की। सफलता प्राप्त करने वाले अभ्यर्थिया की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। रिजल्ट निकलते ही बधाई के फोन आने लगे। होनहारों ने ‘अमर उजाला’ से अनुभव साझा किए। पेश है रिपोर्ट-
पंकज राठौर एसडीएम
- फोटो : अमर उजाला
ईमानदारी से मेहनत करना जरूरी
सिविल सेवा की तैयारी के लिए यह जरूरी है कि आपईमानदारी से मेहनत करें। पढ़ाई और आप के बीच में कोई तीसरा नहीं होना चाहिए। मैं सिविल सेवा की तैयारी के साथ पढ़ाता भी था। सफलता के लिए मैं पिता मिठ्ठू लाल राठौर, मां- लौंगश्री, पत्नी-प्रीति राठौर और बेटी आराध्या को श्रेय देना चाहता हूं।
- पंकज राठौर, एसडीएम
सिविल सेवा की तैयारी के लिए यह जरूरी है कि आपईमानदारी से मेहनत करें। पढ़ाई और आप के बीच में कोई तीसरा नहीं होना चाहिए। मैं सिविल सेवा की तैयारी के साथ पढ़ाता भी था। सफलता के लिए मैं पिता मिठ्ठू लाल राठौर, मां- लौंगश्री, पत्नी-प्रीति राठौर और बेटी आराध्या को श्रेय देना चाहता हूं।
- पंकज राठौर, एसडीएम
अलंकार अग्निहोत्री, डिप्टी कलेक्टर
- फोटो : अमर उजाला
पढ़ाई की गुणवत्ता पर दें ध्यान
मैंने दस साल बंगलुरू में नौकरी की। इस दौरान भाइयों व बहन को भी इंजीनियरिंग कराई। मैं मूल रूप से कानपुर का हूं। 2015 में नौकरी छोड़कर मैं लखनऊ आकर पीसीएस की तैयारी में जुट गया। पहले ही प्रयास में 15वीं रैंक हासिल की। दूसरों को मेरी यही सलाह है कि गुणवत्ता पर ध्यान दें। थोड़ा पढ़ें, लेकिन अच्छी किताबों से पढे़।
- अलंकार अग्निहोत्री, डिप्टी कलेक्टर
मैंने दस साल बंगलुरू में नौकरी की। इस दौरान भाइयों व बहन को भी इंजीनियरिंग कराई। मैं मूल रूप से कानपुर का हूं। 2015 में नौकरी छोड़कर मैं लखनऊ आकर पीसीएस की तैयारी में जुट गया। पहले ही प्रयास में 15वीं रैंक हासिल की। दूसरों को मेरी यही सलाह है कि गुणवत्ता पर ध्यान दें। थोड़ा पढ़ें, लेकिन अच्छी किताबों से पढे़।
- अलंकार अग्निहोत्री, डिप्टी कलेक्टर
विज्ञापन
विज्ञापन
अजय मिश्रा, डिप्टी कलेक्टर
- फोटो : अमर उजाला
लगातार प्रयास करते रहने से सफलता
गत वर्ष बिहार पुलिस में मेरा चयन हुआ। अभी डीएसपी का प्रशिक्षण ले रहा हूं। पांचवें प्रयास में 23वीं रैंक हासिल की है। मैं पीसीएस ही ज्वाइन करूंगा। एक साल निजी कंपनी में नौकरी भी की। बाद में उसे छोड़कर तैयारी शुरू कर दी। चार प्रयासों के दौरान मैंने गलतियों से सीखा और अपनी लेखनी पर ध्यान दिया। दूसरे अभ्यर्थियों को भी यही सलाह देता हूं कि वे सतत प्रयास करते रहें।
- अजय मिश्रा, डिप्टी कलेक्टर
गत वर्ष बिहार पुलिस में मेरा चयन हुआ। अभी डीएसपी का प्रशिक्षण ले रहा हूं। पांचवें प्रयास में 23वीं रैंक हासिल की है। मैं पीसीएस ही ज्वाइन करूंगा। एक साल निजी कंपनी में नौकरी भी की। बाद में उसे छोड़कर तैयारी शुरू कर दी। चार प्रयासों के दौरान मैंने गलतियों से सीखा और अपनी लेखनी पर ध्यान दिया। दूसरे अभ्यर्थियों को भी यही सलाह देता हूं कि वे सतत प्रयास करते रहें।
- अजय मिश्रा, डिप्टी कलेक्टर
विज्ञापन
विपिन तिवारी, डिप्टी एसपी
- फोटो : अमर उजाला
लगातार लेते रहें मार्गदर्शन
प्रशासनिक सेवा की तैयारी को मार्गदर्शन लेते रहें। इससे ही परीक्षा की तैयारी के लिए कार्य प्रणाली तैयार की जा सकती है। सिविल सेवा में यह मेरा चौथा प्रयास था। सफलता का श्रेय मैं स्वर्गीय पिता हरि प्रसाद तिवारी और मां माधुरी तिवारी को देना चाहता हूं। तैयारी करने वालों के लिए मेरी सलाह है कि नियमित पढ़ाई जरूर करें। ऐसा न हो कि एक दिन में बहुत सारा पढ़ लें और एक सप्ताह तक कुछ न पढ़ें।
- विपिन तिवारी, डिप्टी एसपी
प्रशासनिक सेवा की तैयारी को मार्गदर्शन लेते रहें। इससे ही परीक्षा की तैयारी के लिए कार्य प्रणाली तैयार की जा सकती है। सिविल सेवा में यह मेरा चौथा प्रयास था। सफलता का श्रेय मैं स्वर्गीय पिता हरि प्रसाद तिवारी और मां माधुरी तिवारी को देना चाहता हूं। तैयारी करने वालों के लिए मेरी सलाह है कि नियमित पढ़ाई जरूर करें। ऐसा न हो कि एक दिन में बहुत सारा पढ़ लें और एक सप्ताह तक कुछ न पढ़ें।
- विपिन तिवारी, डिप्टी एसपी