हजार-पांच सौ के नोट बंद होने के बाद शादी वाले घरों में रौनक गुम हो गई थी। केंद्र सरकार के बृहस्पतिवार को एक फैसले ने शादी वाले घरों की खुशियां एक हफ्ते बाद लौटा दी हैं। केंद्र ने शादी का कार्ड दिखाने पर 2.5 लाख रुपये तक के भुगतान की अनुमति दी है। हालांकि, इससे भी अभी राहत मिलना शुरू नहीं हुई है और यह रकम भी काफी कम है। वहीं बैंकों के पास कैश की कमी बनी हुई है। ऐसे में बड़े भुगतान करने के लिए बैंक पूरी तरह तैयार नहीं है। लोगों का कहना है कि 2.5 लाख रुपये तक का भुगतान मिले तो दिक्कत कुछ कम हो। एक खास बात है कि इतनी दिक्कतों के बाद भी लोग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के फैसले को सही ठहरा रहे हैं। लोगों का कहना है कि इसे लागू करने का तरीका ठीक नहीं है।
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रिटायर्ड बैंक डीजीएम को भी नहीं मिले बेटी की शादी के लिए रुपये
ब्यूरो/अमरउजाला, सीतापुर
Updated Fri, 18 Nov 2016 05:05 PM IST
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शादी वाले घरों में बंधी उम्मीद
- फोटो : amar ujala
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पिता मधुकर मिश्रा के साथ वाणी
- फोटो : amar ujala
खुद डीजीएम थे, अपने ही बैंक में नहीं मिले ढाई लाख रुपये
नाका निवासी मधुकर मिश्रा खुद यूपी कॉपरेटिव बैंक से डीजीएम पद से रिटायर हुए हैं। अपनी बेटी वाणी की शादी के लिए अपनी ही बैंक की नाका ब्रांच में बृहस्पतिवार को कार्ड लेकर पहुंचे। ब्रांच मैनेजर ने बताया कि उनकेपास 2000 रुपये वालों के लिए तो कैश नहीं है। ऐसे में वह उनकेलिए 2.5 लाख रुपये का बंदोबस्त कहां से करें। वहां टोकन भी उन्हें नहीं मिला। इसके बाद वह मुख्यालय गए और जीएम बैंकिंग ऋतु गुप्ता के यहां प्रार्थना पत्र दिया। देर शाम तक उन्हें वहां से भी कोई उत्तर नहीं मिला। अब शुक्रवार को वह फिर से बैंक जाएंगे, जिससे कुछ पैसा निकाला जा सके।
फैसला ठीक
मोदी का फैसला काले धन पर लगाम लगाने के लिए बहुत अच्छा है। बस इसको लागू कराने वाले लोग पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता से काम नहीं कर रहे हैं।
नाका निवासी मधुकर मिश्रा खुद यूपी कॉपरेटिव बैंक से डीजीएम पद से रिटायर हुए हैं। अपनी बेटी वाणी की शादी के लिए अपनी ही बैंक की नाका ब्रांच में बृहस्पतिवार को कार्ड लेकर पहुंचे। ब्रांच मैनेजर ने बताया कि उनकेपास 2000 रुपये वालों के लिए तो कैश नहीं है। ऐसे में वह उनकेलिए 2.5 लाख रुपये का बंदोबस्त कहां से करें। वहां टोकन भी उन्हें नहीं मिला। इसके बाद वह मुख्यालय गए और जीएम बैंकिंग ऋतु गुप्ता के यहां प्रार्थना पत्र दिया। देर शाम तक उन्हें वहां से भी कोई उत्तर नहीं मिला। अब शुक्रवार को वह फिर से बैंक जाएंगे, जिससे कुछ पैसा निकाला जा सके।
फैसला ठीक
मोदी का फैसला काले धन पर लगाम लगाने के लिए बहुत अच्छा है। बस इसको लागू कराने वाले लोग पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता से काम नहीं कर रहे हैं।
होने वाली पत्नी डिप्रा के साथ कुश
- फोटो : amar ujala
24 हजार तो मिले नहीं, ये रकम मिल जाए तो दूर हो दिक्कत
बिजनेस मैन डीएन कुकरेजा के बेटे कुश की शादी एक दिसंबर को होनी है। इसके लिए उन्होंने एडवांस में पैसा बैंक से निकाल लिया था। अब केटरर्स, बैंडवाले और टेंट वाले पुराने नोट में कैश नहीं ले रहे। यही नहीं वह चेक या डेबिट कार्ड से भी भुगतान लेने को तैयार नहीं। उनका कहना है कि वह कई दिन से बैंक के चक्कर काट रहे हैं। सरकार की घोषणा के तहत 24,000 रुपये तो बैंक दे नहीं रहा। अब 2.5 लाख रुपये शायद ही कार्ड दिखाने पर भी मिले। उनका कहना है कि यदि ये रकम मिल जाए तो हमारी परेशानी काफी हद तक हल हो जाएगी।
तैयारी अधूरी
मोदी ने फैसला अच्छा किया है। लंबे समय में फायदा मिलेगा, लेकिन लोगों की समस्या दूर क रने के लिए तैयारी करनी थी।
बिजनेस मैन डीएन कुकरेजा के बेटे कुश की शादी एक दिसंबर को होनी है। इसके लिए उन्होंने एडवांस में पैसा बैंक से निकाल लिया था। अब केटरर्स, बैंडवाले और टेंट वाले पुराने नोट में कैश नहीं ले रहे। यही नहीं वह चेक या डेबिट कार्ड से भी भुगतान लेने को तैयार नहीं। उनका कहना है कि वह कई दिन से बैंक के चक्कर काट रहे हैं। सरकार की घोषणा के तहत 24,000 रुपये तो बैंक दे नहीं रहा। अब 2.5 लाख रुपये शायद ही कार्ड दिखाने पर भी मिले। उनका कहना है कि यदि ये रकम मिल जाए तो हमारी परेशानी काफी हद तक हल हो जाएगी।
तैयारी अधूरी
मोदी ने फैसला अच्छा किया है। लंबे समय में फायदा मिलेगा, लेकिन लोगों की समस्या दूर क रने के लिए तैयारी करनी थी।
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नानी चुन्नी देवी के साथ दूल्हा नीलेश और परिवार
- फोटो : amar ujala
राहत तो ठीक, लेकिन बैंक भुगतान करें तो बने बात
दादी चुन्नी देवी मिश्रा ने बताया कि नाती की 24 नवंबर की शादी है। दो दिन बाद घर पर दुल्हन के आने के बाद 26 नवंबर को एटहोम होगा। सभी को कैश में भुगतान चाहिए। केटरर्स, गेस्ट हाउस, कपड़े, नेग देने के लिए पैसा पहले ही निकाल लिया था। अब पुराने नोट कोई ले नहीं रहा था। इसको पहले लाइनों में लगकर जमा कराए। दो दिन पहले 24,000 की जगह 20,000 रुपये ही बैंक ने दिए। 2.5 लाख रुपये की व्यवस्था अच्छी है लेकिन पूरा भुगतान बैंक करे तब बात बने। कल ही बैंक जाकर फिर से पैसा शादी का कार्ड दिखाकर निकालेंगे।
दुरुस्त हो इंतजाम
मोदी का फैसला बुरा नहीं है। बस तैयारी की कमी है। इसे लागू करने से पहली सारी व्यवस्थाएं कर लेनी चाहिए थीं। बैंकों में इंतजात दुरुस्त होने चाहिए।
दादी चुन्नी देवी मिश्रा ने बताया कि नाती की 24 नवंबर की शादी है। दो दिन बाद घर पर दुल्हन के आने के बाद 26 नवंबर को एटहोम होगा। सभी को कैश में भुगतान चाहिए। केटरर्स, गेस्ट हाउस, कपड़े, नेग देने के लिए पैसा पहले ही निकाल लिया था। अब पुराने नोट कोई ले नहीं रहा था। इसको पहले लाइनों में लगकर जमा कराए। दो दिन पहले 24,000 की जगह 20,000 रुपये ही बैंक ने दिए। 2.5 लाख रुपये की व्यवस्था अच्छी है लेकिन पूरा भुगतान बैंक करे तब बात बने। कल ही बैंक जाकर फिर से पैसा शादी का कार्ड दिखाकर निकालेंगे।
दुरुस्त हो इंतजाम
मोदी का फैसला बुरा नहीं है। बस तैयारी की कमी है। इसे लागू करने से पहली सारी व्यवस्थाएं कर लेनी चाहिए थीं। बैंकों में इंतजात दुरुस्त होने चाहिए।
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दीपचंद होने वाली पत्नी रुपम के साथ
- फोटो : amar ujala
सात दिन तक बैंक के चक्कर लगाए, अब देखते हैं कल क्या होता है
पोस्टल डिपार्टमेंट से रिटायर्ड अफसर एलआर आर्या के बेटे दीपचंद की शादी एक दिसंबर कोे है और बारात लखनऊ से कानपुर जाएगी। सात दिन तक बैंक के चक्कर काटने के बाद वह अभी तक केवल 30,000 रुपये ही निकाल पाए हैं। अब 2.5 लाख रुपये तक कार्ड दिखाकर निकालने का फैसला आया है तो इससे कुछ उम्मीद लगी है। वह अब फिर से बैंक की लाइन में लगकर शादी के कार्ड से 2.5 लाख रुपये तक निकालने की कोशिश करेंगे। उनका कहना है कि अगर ऐसा हो सका तो काफी हद तक करेंसी की कमी की समस्या दूर हो पाएगी।
कुछ राहत मिलेगी
फैसला कालेधन वालों पर अटैक है। गेहूं के साथ अब घुन तो पिसता ही है। पैसा डंप था, उससे महंगाई बढ़ रही थी। अब कुछ तो राहत मिलेगी।
पोस्टल डिपार्टमेंट से रिटायर्ड अफसर एलआर आर्या के बेटे दीपचंद की शादी एक दिसंबर कोे है और बारात लखनऊ से कानपुर जाएगी। सात दिन तक बैंक के चक्कर काटने के बाद वह अभी तक केवल 30,000 रुपये ही निकाल पाए हैं। अब 2.5 लाख रुपये तक कार्ड दिखाकर निकालने का फैसला आया है तो इससे कुछ उम्मीद लगी है। वह अब फिर से बैंक की लाइन में लगकर शादी के कार्ड से 2.5 लाख रुपये तक निकालने की कोशिश करेंगे। उनका कहना है कि अगर ऐसा हो सका तो काफी हद तक करेंसी की कमी की समस्या दूर हो पाएगी।
कुछ राहत मिलेगी
फैसला कालेधन वालों पर अटैक है। गेहूं के साथ अब घुन तो पिसता ही है। पैसा डंप था, उससे महंगाई बढ़ रही थी। अब कुछ तो राहत मिलेगी।