जकार्ता एशियन गेम्स में भारत को स्वर्णिम शुरुआत दिलाने वाले बजरंग पूनिया ने कुश्ती के दांव पेंच उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में सीखे हैं। गोंडा की नंदिनी नगर कुश्ती अकादमी में रहकर ट्रेनिंग करने के शुरुआती दौर में ही उन्होंने अवध यूनिवर्सिटी की ओर से ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में भाग लेकर स्वर्ण पर कब्जा जमाया। बस, यहीं से उनका चमकदार सफर शुरू हुआ, जो आज तक अनवरत रूप से जारी है। वर्तमान में बजरंग नंदिनी नगर विश्वविद्यालय में बीए तृतीय वर्ष के छात्र हैं।
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बजरंग की कामयाबी से कॉलेज परिसर में खुशी का माहौल है। मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले बजरंग ने नंदिनी नगर महाविद्यालय में बने कुश्ती प्रशिक्षण का लंबे समय तक हिस्सा रहे और यहां रहकर उन्होंने तमाम प्रतियोगिता में भाग लेकर पदक भी जीते।
रविवार शाम को जैसे ही बजरंग के गोल्ड मेडल जीतने की खबर मिली, नंदिनी नगर महाविद्यालय और कुश्ती प्रशिक्षण केंद्र झूम उठा। प्रदेश कुश्ती संघ उपाध्यक्ष करण भूषण सिंह ने बताया कि बजरंग ने यहीं पर कुश्ती का प्रशिक्षण लिया है। उन्होंने एशियन गेम्स में जीतकर हमारी अकादमी का नाम रोशन कर दिया।
महाविद्यालय प्रशासन के डॉ. राम कृपाल सिंह और केन्द्र प्रभारी डॉ सत्येन्द्र सिंह ने कहा यह हमारे लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गौरव की बात है। बजरंग के इस प्रदर्शन से हमारे कुश्ती प्रशिक्षण केंद्र में ट्रेनिंग कर रहे युवा प्रेरित होंगे और इस स्टार पहलवान की तर्ज पर देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतेंगे।
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मालूम हो कि रविवार को पहलवान बजरंग पूनिया ने अपने शानदार प्रदर्शन से एशियाई खेल में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। बजरंग ने फ्रीस्टाइल 65 किलोग्राम में जापान के ताकातानी दाइची को 11-8 से पटखनी देकर देश को गौरान्वित किया। इसी के साथ एशियाई खेलों में गोल्ड जीतने वाले 24 वर्षीय बडरंग भारत के नौवें पहलवान बन गए।