लखनऊ के मोहनलालगंज में हाईवे पर स्थित गौरा गांव के पास शनिवार देर रात करीब दो बजे सीमेंट लदे खडे़ ट्रक से डीसीएम जा टकराई। हादसे में डीसीएम में बैठे कानपुर के चकेरी निवासी छात्र आकाश तिवारी (22) की मौत हो गई।
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रोते बिलखते परिवार वाले
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जबकि उसके साथी गाेंडा निवासी सुमित को गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। वहीं, छात्र के पिता ने दुख की इस घड़ी में समाज के लिए दरियादिली दिखाई और बेटे की आंखेें दान कर दीं। उधर, हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर भाग निकला। डीसीएम चालक भी लापता है। पुलिस ने डीसीएम का अगला हिस्सा कटवाकर डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद शव बाहर निकालकर पोस्टमार्टम को भेजवाया।
इंस्पेक्टर धीरेंद्र प्रताप कुशवाहा ने बताया कि आकाश तिवारी इलाहाबाद से बीएससी का छात्र था। वह अपनी बहन आकांक्षा के साथ चिनहट थानाक्षेत्र में रहकर पढ़ाई कर रहा था। उसकी बहन बैंककर्मी है। आकाश बीबीडी से बीटेक करने वाले सुमित के साथ छह अप्रैल को प्रायोगिक परीक्षा देने इलाहाबाद गया था।
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हादसे में क्षतिग्रस्त डीसीएम
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शनिवार रात वह ज्ञान दूध की खाली डीसीएम में बैठकर लखनऊ आ रहा था। इस दौरान मोहनलालगंज थानाक्षेत्र में हादसे का शिकार हो गया। हादसे की सूचना पर पिता पारसनाथ तिवारी, मां सरला, बहन व छात्र के दोस्त रविवार सुबह सीएचसी पहुंचे। बेटे का शव देखते ही कोहराम मच गया।
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आकाश (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
पारसनाथ ने रुंधे गले से बताया कि सेना में तैनाती के दौरान गंभीर बीमारी के चलते स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। सोचा था कि बेटा बीमार बाप का सहारा बनेगा। आकाश बीएससी की पढ़ाई के साथ एमबीबीएस की तैयारी कर रहा था। उन्होंने जवान बेटे की आंखें दान कर दीं।