विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण का मतदान होने के बाद राजधानी की सभी नौ विधानसभा सीटों के प्रत्याशियों ने राहत की सांस ली। पिछले दो महीने से चुनाव प्रचार और जीत दर्ज करने की होड़ में लगे प्रत्याशियों ने सोमवार को आम शहरी की तरह दिन बिताया। किसी ने बच्चों और परिवार संग मौज-मस्ती की तो कोई देर तक नींद की आगोश में डूबा रहा। कोई चौथे चरण के चुनाव में अपनी पार्टी के प्रचार के लिए दूसरे शहर को निकल पड़ा, तो कुछ प्रत्याशी अपने रिश्तेदारों और समर्थकों के साथ हार-जीत का गणित लगाते रहे। कभी इसकी चिंता तो कभी उसकी...। कभी ये समीकरण तो कभी वो गुणा भाग...। इन सबके बीच छूट गया था वो परिवार के साथ चाय की चुस्की-- और गप्पे लड़ाना। वो मनपसंद खाना.. वो सुकूं से बोलना -बतियाना--। चुनाव बीता तो जिंदगी फिर ढर्रे पर लौटने लगी। जी हां बात कर रहे चुनावी समर के योद्धाओं की। कैसा बीता चुनाव के बाद का पहला दिन यही हमने जानने की कोशिश की । कोई लकदावा ( दाल जिसमें लौकी पड़ी हौ) खाकर खुश दिखा तो कोई परिवार के साथ चाय की चुस्की लेकर। कोई क्रिकेट खेला तो किसी ने बच्चों संग मस्ती की । अमर उजाला ने सभी नौ विधानसभा सीटों पर अपनी किस्मत आजमा रहे प्रमुख पार्टियों के प्रत्याशियों से जाना कि सियासी महासंग्राम के बाद वे कैसा महसूस कर रहे है और कैसे चुनावी थकान उतारी। पेश है रिपोर्ट....
किसी ने बाल कटाए तो किसी ने खेला क्रिकेट, यूं बीता चुनाव बाद प्रत्याशियों का दिन
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कार्यकर्ताओं और परिवार के बीच बीता दिन
- आशुतोष टंडन, भाजपा पूरब
मतदान के बाद सोमवार का दिन कार्यकर्ताओं और परिवार के बीच बिताया। सुबह आठ बजे प्रचार और जनसंपर्क पर निकलने के लिए उन्हें साढ़े छह बजे तक उठना होता था। यह सिलसिला पिछले काफी समय से चल रहा था, लेकिन सोमवार को देर से उठे। इसके बाद काफी समय से निर्माणाधीन कोणेश्वर महादेव मंदिर का कामकाज देखने पहुंचे। मैं मंदिर समिति का अध्यक्ष हूं। मंदिर का काम देखने के बाद कार्यालय पहुंच गया। वहां पहले से ही राह देख रहे कार्यकर्ताओं को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और तहरी बनवाकर उनके साथ ही भोजन किया। शाम चार बजे वे घर पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने अपना पूरा समय परिवार के साथ बिताया।
महीनों बाद खेली बच्चों साथ क्रिकेट
- अनुराग भदौरिया, कांग्रेस, पूरब
चुनाव प्रचार के चलते पिछले काफी दिनों से सुबह पांच बजे उठकर घर से निकल जाना ही दिनचर्या बन गई थी, जिसे सोमवार को बिल्कुल बदल दिया। मतदान के बाद रात को जल्द सोने चला गया और सुबह आराम से उठा। बच्चों के साथ खूब मस्ती की और क्रिकेट खेली। इस खेल में छह साल के बेटे अथर्व और ढाई साल के अनाया के अलावा पत्नी अनुपमा राग भी शामिल रहीं। काफी दिनों बाद समय मिला है इसलिए पूरा समय अपने परिवार के साथ बिताया। सुबह नाश्ते से शुरू हुआ सिलसिला दोपहर खाने और क्रिकेट खेलने तक चलता रहा। इसके बाद मंगलवार को फिर से पुराने ढर्रे पर लौटेंगे।
धूमधाम से मनाया बेटी प्रथमा का बर्थ-डे
अपर्णा यादव, सपा, कैंट
चुनावी जनसभा और जन संपर्क के बीच परिवार और बेटी को समय ही नहीं दे पा रही थी। अब मतदान होने के बाद राहत मिली है। मतदान के दिन शाम पांच बजे के बाद समर्थकों के साथ कुछ घंटे चर्चा कर परिवार संग कुछ समय बिताया और इसके बाद थकान मिटाने के लिए सो गई। सुबह उठी तो बेटी के साथ खेलकूद और लाड प्यार में लग गई। सोमवार को बेटी प्रथमा का बर्थ-डे था तो सुबह से ही उसकी तैयारी में लग गई। अच्छा हुआ बेटी के बर्थ से पहले चुनाव खत्म हो गया। नहीं तो उसे शिकायत रहती कि मेरा बर्थ डे ही नहीं मनाया। बेटी के बर्थ-डे पर पूरा परिवार इकट्ठा हुआ और खूब मौज-मस्ती की। कई दिनों से चली आ रही थकान मिट गई। तीसरे चरण का चुनाव खत्म होने के बाद भी पार्टी की जीत के लिए लोगों से जुड़ाव का सिलसिला जारी रहेगा।
आराम से सोया, महीने भर बाद बाल कटाया
अम्बरीश पुष्कर, सपा
चुनाव की गहमागहमी में रोज सुबह सोकर जल्दी उठना पड़ता था। देर से सोने को मिलता। पर आज (सोमवार को) ऐसा कुछ नहीं था। सुबह 7 बजे बिस्तर छोड़ा। सबसे पहले बच्चों से मिला। इसके बाद लखनऊ वाले घर से मोहनलालगंज घर को रवाना हुआ। एक महीने बाद बाल कटाया। फुर्सत ही नहीं मिलती थी। इस सबके बाद तैयार होकर मुलाकात करने आए कार्यकर्ताओं व साथियों के साथ बैठकर चुनावी चर्चा की। फोन पर सहयोग करने वाले साथी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया। चुनाव के तनाव व भाग दौड़ के बाद आज का दिन काफी तनाव मुक्त रहा। पेशे से वकील हूं...तहसील गया, सारा दिन अपने चैंबर में बिताया।