सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की पत्नी साधना गुप्ता का लखनऊ के पिपराघाट पर रविवार दोपहर को अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित पूरा परिवार घाट पर मौजूद था। इस दौरान मुलायम सिंह यादव बेहद भावुक नजर आए।
स्वास्थ्य कारणों से वह खुद भी अपने चेकअप के लिए अस्पताल जाते रहते हैं। इस सबके बीच अखिलेश लगातार सक्रिय रहे और पिता मुलायम का लगातार सहारा बने रहे।
घाट पर मौजूद सभी लोग वहां खड़े रहे पर जैसे ही मुलायम गाड़ी से बाहर निकलने लगे अखिलेश ने उन्हें वहीं बैठे रहने का इशारा किया।
जानें, कौन थीं साधना गुप्ता
औरैया के बिधूना कस्बे के लोहामंडी निवासी साधना गुप्ता (62)1980 में सपा से जुड़ी। यही से उनकी मुलाकात मुलायम सिंह से हुई और वह पार्टी में सक्रिय रहीं। उनकी शादी फर्रुखाबाद के व्यापारी चंद्रप्रकाश गुप्ता से 4 जुलाई 1986 को हुई। करीब सालभर बाद आपसी अनबन की वजह से वह बिधूना लौट आई। सात जुलाई 1987 को बेटे प्रतीक का जन्म हुआ। इसके बाद भी वह अकेले रहीं और 1990 में उनका आधिकारिक तलाक हो गया था। वर्ष 2003 में मुलायम सिंह की पहली पत्नी का निधन हो गया। इसके बाद मुलायम सिंह यादव ने साधना गुप्ता को पत्नी का दर्जा दिया। इसके बाद से साधना गुप्ता के साथ उनके बेटे प्रतीक यादव और बहू अपर्णा बिष्ट भी मुलायम सिंह के साथ रहने लगे। साधना के भाई सचिन सपा सरकार में राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त रहे, जबकि छोटे भाई नितिन आढ़ती हैं। साधना के बहनोई प्रमोद गुप्ता भी राजनीति में सक्रिय रहे।
मुलायम सिंह यादव कई बार सार्वजनिक रूप से भी साधना गुप्ता की तारीफें करते रहे हैं।
साधना गुप्ता (62) का शनिवार सुबह निधन हुआ था। वह गुरुग्राम स्थित मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती थीं। उनके निधन के बाद मुलायम सिंह यादव के आवास पर सांत्वना देने वालों का तांता लग गया।
साधना गुप्ता ब्लड प्रेशर, सूगर केसाथ ही फेफड़े में संक्रमण की समस्या से पीड़ित थीं। उन्हें सप्ताहभर पहले गुरुग्राम स्थिति मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम उनकी निगरानी कर रही थी, लेकिन शनिवार सुबह संक्रमण बढ़ने की वजह से उनका निधन हो गया।