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जब गाड़ी इस हाल में मिली तो आपत्तिजनक हालत में कैसे हो सकते थे विवेक और सहकर्मी

Tue, 02 Oct 2018 11:35 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल, अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 02 Oct 2018 11:35 AM IST
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After the accident, Vivek's SUV's Airbags opened
vivek murder case - फोटो : amar ujala
विवेक हत्याकांड में लखनऊ पुलिस की कारगुजारी की परत-दर-परत खुलती जा रही है। विवेक और उनकी पूर्व सहकर्मी के आपत्तिजनक हालत में होने की पुलिसिया कहानी का भी भंडाफोड़ हो गया है। विवेक की एसयूवी जिस हाल में मिली है, उससे साफ है कि सिपाहियों के साथ-साथ पुलिस अफसरों ने भी उन्हें चरित्रहीन साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। 
After the accident, Vivek's SUV's Airbags opened
विवेक तिवारी हत्याकांड - फोटो : amar ujala
पुलिस ने अपनी गर्दन बचाने के लिए कार में बैठे विवेक और उनकी पूर्व सहकर्मी के आपत्तिजनक स्थिति में होने का आरोप लगाया था, जो झूठा साबित हुआ। यह बेतुका बयान देने से पहले पुलिस यह भूल गई कि एसयूवी के एयरबैग खुले हुए हैं।  
After the accident, Vivek's SUV's Airbags opened
विवेक तिवारी हत्याकांड - फोटो : amar ujala
विशेषज्ञ बताते हैं कि किसी हादसे या टक्कर में कार के एयरबैग तभी खुलेंगे जब चालक और बगल की सीट पर बैठे व्यक्ति दोनों ही सीट बेल्ट लगाए हों। अगर किसी एक ने भी सीट बेल्ट नहीं बांधी होगी तो उसका एयरबैग नहीं खुलेगा। विवेक की कार के दोनों एयरबैग खुले मिले हैं। यानी विवेक और उसके बगल में बैठी पूर्व सहकर्मी सीट बेल्ट बांधे हुए थे। ऐसे हालात में कोई आपत्तिजनक स्थिति में कैसे हो सकता है? 
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After the accident, Vivek's SUV's Airbags opened
विवेक तिवारी की कार
एसयूवी का बंपर और हेडलाइट्स टूटने का सच क्या है?
सोशल मीडिया पर विवेक की एसयूवी का बंपर और हेडलाइट्स क्षतिग्रस्त दिखाकर पुलिस पर तोड़फोड़ के आरोप लगाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस ने सिपाहियों पर कार से तीन बार कुचलने की कोशिश के आरोपों को मजबूत बनाने के लिए खुद ही कार में तोड़फोड़ की। लोगों ने अंडरपास के खंभे से टकराई कार की स्थिति और गोमतीनगर थाना में खड़ी कार के फोटो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किए। लोगों का कहना था कि पुलिस यह साबित करना चाहती है कि विवेक ने सिपाही प्रशांत व संदीप को कार से कुलचने का प्रयास किया और इसी प्रयास में कार का बंपर व हेड लाइट क्षतिग्रस्त हो गईं।
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After the accident, Vivek's SUV's Airbags opened
vivek murder case - फोटो : amar ujala
एडीजी लखनऊ जोन राजीव कृष्ण ने इस बिंदु को एसआईटी की जांच में शामिल करने की बात कही है। हालांकि, फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने इस बात से इनकार किया है। फॉरेंसिक सूत्रों का कहना है कि कार को घटनास्थल से उठाकर लाते वक्त पहले से क्षतिग्रस्त बंपर और हेडलाइट्स टूट गई थीं, जिन्हें कार के भीतर ही सुरक्षित रखवा दिया गया था। कार में टक्कर के अलावा किसी भी तरह की तोड़फोड़ नहीं किए जाने की बात उन्होंने कही। एडीजी का कहना है कि सच क्या है, यह जांच में सामने आ जाएगा।
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