वर्ष 2019 शैक्षिक उपलब्धियों से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों के विवाद की वजह से चर्चा में रहा। लखनऊ विश्वविद्यालय ने 25 नवंबर को अपनी स्थापना के सौवें साल में प्रवेश किया, पर चर्चा के विषय फर्जी अंकपत्र गिरोह, बैंक खाते से 1.42 करोड़ रुपये निकाले जाने और एलएलबी पेपर लीक प्रकरण रहे। बीबीएयू की स्थिति भी इससे बहुत अलग नहीं रही। विवि को नियमित कुलपति मिला पर अराजकता पर लगाम अभी भी नहीं लग पाई। पुनर्वास विवि भी विवादों के साये में रहा। अरबी-फारसी विवि में सीट न भर पाना भी इस साल एक बड़ी समस्या रही। हां, इन सबके बीच एकेटीयू ने जरूर शैक्षिक स्तर पर कुछ नए कीर्तिमान स्थापित किए।
वर्ष 2019: उपलब्धियों से ज्यादा विवादों के कारण चर्चा में रहे शैक्षणिक संस्थान, लगे कई गहरे दाग
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एलयू: 100वें साल में लगा साख पर बट्टा
फर्जी अंकपत्र गिरोह की सेंधमारी
लखनऊ विश्वविद्यालय के फर्जी अंकपत्र पिछले 10 साल से लगातार पकड़ में आ रहे हैं। हर बार बाहर का मामला कहते हुए कभी भी इसे गंभीरता से नहीं लिया। इस बार गिरोह के पास से फर्जी अंकपत्र के साथ टैबुलेशन चार्ट भी पकड़े गए। इससे लविवि कर्मियों की मिलीभगत का भंडाफोड़ हो गया। इसके बावजूद लविवि ने कोई कार्रवाई नहीं की। नतीजा यह हुआ कि चारों तरफ से पड़े दबाव की वजह से लविवि ने मामले की जांच सीबीआई से कराने के लिए पत्र लिखा है। यह मामला अभी तक लंबित है।
एलयू ने किया नए साल में प्रवेश
लविवि ने 25 नवंबर को अपनी स्थापना के सौवें साल में प्रवेश कर लिया। विश्वविद्यालय के इतिहास में किसी कुलसचिव को कुलपति का चार्ज दिया गया। नियमित कुलपति न होने का फर्क इसके सौवें साल के जश्न की तैयारियों पर भी पड़ा। विवि ने सौवें साल में प्रवेश करने का जश्न प्रभातफेरी तथा कवि सम्मेलन के साथ मनाया। हर साल होने वाला पूर्व छात्र सम्मान समारोह का आयोजन भी इस बार नहीं हो सका। बहरहाल उम्मीद है कि सौवें साल में लविवि अपने स्वर्णिम इतिहास की तरह शानदार आयोजन करेगा।
वाट्सएप पर वायरल ऑडियो रिकॉर्डिंग
व्हाटसएप पर वायरल हुए ऑडियो रिकॉर्डिंग ने लखनऊ विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली की कलई खोलकर रख दी है। वायरल ऑडियो में एक रसूखदार महिला को पेपर तैयार करने वाले शिक्षक सभी सवाल फोन करके नोट करा रहे हैं। एक अन्य ऑडियो में लविवि के कार्यवाहक कुलपति भी उसी महिला से परीक्षा के संबंध में बातचीत कर रहे हैं। इसके बाद मुुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसटीएफ को मामले की जांच सौंप दी है।
फर्जीवाड़ा कर बैंक खाते से निकाले गए 1.42 करोड़ रुपये
लविवि में जालसाजों के बैंक खाते से एक 1.42 करोड़ रुपये निकालने के मामले ने खूब तूल पकड़ा। बैंक खाते से फर्जीवाड़ा करके 13 अलग-अलग चेक से यह रकम निकाली गई। इस मामले में भी शक की सुई कर्मचारियों की मिलीभगत की ओर घूमी, लेकिन अभी तक जांच पूरी न होने की वजह से कुछ भी साफ नहीं हुआ है। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। लखनऊ विश्वविद्यालय ने भी एक जांच समिति बनाई थी, पर उसमें भी कुछ विशेष नहीं निकला है।
परीक्षा केंद्रों की ऑनलाइन निगरानी
प्राविधिक शिक्षा परिषद ने इस साल पॉलीटेक्निक परीक्षा की निगरानी में अभूतपूर्व शुरुआत की है। इसमें हर परीक्षा केंद्र पर आईपी एड्रेस वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। इससे परिषद कार्यालय से किसी भी परीक्षा केंद्र के कैमरे में पहुंच बनाकर वहां की स्थिति देखी जा सकती है। पॉलीटेक्निक में पहली बार सेंट्रलाइज्ड सिस्टम के जरिये ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा का प्रस्ताव तैयार करके नई शुरुआत की गई है।