फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

वर्ष 2019: उपलब्धियों से ज्यादा विवादों के कारण चर्चा में रहे शैक्षणिक संस्थान, लगे कई गहरे दाग

Mon, 30 Dec 2019 04:31 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 30 Dec 2019 04:31 PM IST
विज्ञापन
achievements and disputes of lucknow educational institutions in 2019
लखनऊ यूनिवर्सिटी - फोटो : अमर उजाला

वर्ष 2019 शैक्षिक उपलब्धियों से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों के विवाद की वजह से चर्चा में रहा। लखनऊ विश्वविद्यालय ने 25 नवंबर को अपनी स्थापना के सौवें साल में प्रवेश किया, पर चर्चा के विषय फर्जी अंकपत्र गिरोह, बैंक खाते से 1.42 करोड़ रुपये निकाले जाने और एलएलबी पेपर लीक प्रकरण रहे। बीबीएयू की स्थिति भी इससे बहुत अलग नहीं रही। विवि को नियमित कुलपति मिला पर अराजकता पर लगाम अभी भी नहीं लग पाई। पुनर्वास विवि भी विवादों के साये में रहा। अरबी-फारसी विवि में सीट न भर पाना भी इस साल एक बड़ी समस्या रही। हां, इन सबके बीच एकेटीयू ने जरूर शैक्षिक स्तर पर कुछ नए कीर्तिमान स्थापित किए।


 
achievements and disputes of lucknow educational institutions in 2019
- फोटो : अमर उजाला

एलयू: 100वें साल में लगा साख पर बट्टा
फर्जी अंकपत्र गिरोह की सेंधमारी

लखनऊ विश्वविद्यालय के फर्जी अंकपत्र पिछले 10 साल से लगातार पकड़ में आ रहे हैं। हर बार बाहर का मामला कहते हुए कभी भी इसे गंभीरता से नहीं लिया। इस बार गिरोह के पास से फर्जी अंकपत्र के साथ टैबुलेशन चार्ट भी पकड़े गए। इससे लविवि कर्मियों की मिलीभगत का भंडाफोड़ हो गया। इसके बावजूद लविवि ने कोई कार्रवाई नहीं की। नतीजा यह हुआ कि चारों तरफ से पड़े दबाव की वजह से लविवि ने मामले की जांच सीबीआई से कराने के लिए पत्र लिखा है। यह मामला अभी तक लंबित है।
 

achievements and disputes of lucknow educational institutions in 2019

एलयू ने किया नए साल में प्रवेश
लविवि ने 25 नवंबर को अपनी स्थापना के सौवें साल में प्रवेश कर लिया। विश्वविद्यालय के इतिहास में किसी कुलसचिव को कुलपति का चार्ज दिया गया। नियमित कुलपति न होने का फर्क इसके सौवें साल के जश्न की तैयारियों पर भी पड़ा। विवि ने सौवें साल में प्रवेश करने का जश्न प्रभातफेरी तथा कवि सम्मेलन के साथ मनाया। हर साल होने वाला पूर्व छात्र सम्मान समारोह का आयोजन भी इस बार नहीं हो सका। बहरहाल उम्मीद है कि सौवें साल में लविवि अपने स्वर्णिम इतिहास की तरह शानदार आयोजन करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
achievements and disputes of lucknow educational institutions in 2019
लखनऊ यूनिवर्सिटी के अकाउंट से हुआ था फर्जीवाड़ा - फोटो : अमर उजाला

वाट्सएप पर वायरल ऑडियो रिकॉर्डिंग
व्हाटसएप पर वायरल हुए ऑडियो रिकॉर्डिंग ने लखनऊ विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली की कलई खोलकर रख दी है। वायरल ऑडियो में एक रसूखदार महिला को पेपर तैयार करने वाले शिक्षक सभी सवाल फोन करके नोट करा रहे हैं। एक अन्य ऑडियो में लविवि के कार्यवाहक कुलपति भी उसी महिला से परीक्षा के संबंध में बातचीत कर रहे हैं। इसके बाद मुुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसटीएफ को मामले की जांच सौंप दी है।
फर्जीवाड़ा कर बैंक खाते से निकाले गए 1.42 करोड़ रुपये
लविवि में जालसाजों के बैंक खाते से एक 1.42 करोड़ रुपये निकालने के मामले ने खूब तूल पकड़ा। बैंक खाते से फर्जीवाड़ा करके 13 अलग-अलग चेक से यह रकम निकाली गई। इस मामले में भी शक की सुई कर्मचारियों की मिलीभगत की ओर घूमी, लेकिन अभी तक जांच पूरी न होने की वजह से कुछ भी साफ नहीं हुआ है। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। लखनऊ विश्वविद्यालय ने भी एक जांच समिति बनाई थी, पर उसमें भी कुछ विशेष नहीं निकला है।

विज्ञापन
achievements and disputes of lucknow educational institutions in 2019
प्रतीकात्मक तस्वीर
 पॉलीटेक्निक
परीक्षा केंद्रों की ऑनलाइन निगरानी
प्राविधिक शिक्षा परिषद ने इस साल पॉलीटेक्निक परीक्षा की निगरानी में अभूतपूर्व शुरुआत की है। इसमें हर परीक्षा केंद्र पर आईपी एड्रेस वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। इससे परिषद कार्यालय से किसी भी परीक्षा केंद्र के कैमरे में पहुंच बनाकर वहां की स्थिति देखी जा सकती है। पॉलीटेक्निक में पहली बार सेंट्रलाइज्ड सिस्टम के जरिये ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा का प्रस्ताव तैयार करके नई शुरुआत की गई है।
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed