मुख्यमंत्री से मिलने के बाद सैफई से आए किसान संत विजय ने रविवार सुबह मुख्यमंत्री आवास के बाहर ही जहर खा लिया। किसान को तड़पते देखकर वहां हड़कंप मच गया। सुरक्षा कर्मियों ने ही उसे सिविल अस्पताल पहुंचाया।
किसान पर दो बैंकों का करीब दो लाख रुपये कर्ज है, जिसे माफ कराने के लिए वह राजधानी के चक्कर काट रहा था। मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने के बाद भी कार्रवाई न होने से क्षुब्ध होकर उसने जहर खाने का फैसला कर लिया।
सीओ हजरतगंज अशोक वर्मा ने बताया कि सैफई (इटावा) के गांव ककरहिया निवासी संत विजय सिंह ने पांच साल पहले किसान क्रेडिट कार्ड के जरिये स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से 80 हजार रुपये और पूर्वांचल बैंक से एक लाख 20 हजार रुपये का कर्ज लिया था। अलग-अलग किश्तों में अब तक वह 34 हजार रुपये जमा भी कर चुका है। इसके बाद भी ब्याज समेत कुल 2.9 लाख रुपये बकाया है।
दो साल से मौसम की मार के चलते उसकी फसलें बर्बाद हो गईं। अमीन और बैंक एजेंट अलग से उसे परेशान कर रहे थे। अपना कर्ज माफ कराने के लिये वह बार-बार राजधानी के चक्कर काट रहा था। उसने दो बार सैफई में भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की। एक बार पहले भी लखनऊ आकर सीएम के जनता दरबार में पेश हो चुका है। तीनों बार उसे कर्ज माफी का आश्वासन मिला, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़ा सुनाने के लिये वह फिर रविवार की सुबह किसी तरह मुख्यमंत्री के जनता दरबार में पहुंच गया। वहां उसने सीएम को आपबीती सुनाई। संत विजय ने बताया कि सीएम ने उसे कर्ज माफ करने का आश्वासन देकर लौटा दिया। एक बार फिर सिर्फ आश्वासन मिलने से वह निराश हो गया। मुख्यमंत्री आवास से निकलते ही उसने जहरीला पदार्थ खा लिया।