Yoga Tips For Winter : सर्दियों में खुद को गर्म रखने के लिए लोग रजाई में बैठे रहते हैं, बहुत सारे ऊनी कपड़े, अंगीठी या हीटर का उपयोग करते हैं। हालांकि बहुत अधिक ठंड बढ़ने के कारण यह सारे उपाय शरीर को अंदर से गर्माहट नहीं दे पाते सर्दी के कारण शरीर ठंडा रहता है और ठिठुरन महसूस करता है। अगर शरीर को गर्माहट न मिले तो सर्दी-जुकाम या बुखार होने की आशंका भी बनी रहती है। ऐसे में शरीर को गर्माहट पहुंचाने के लिए योगासन फायदेमंद है। कुछ योगासन शरीर को अंदरूनी तौर पर गर्म रखने में मदद करते हैं, साथ ही मौसमी बीमारियों से बचाव करते हैं। यहां सर्दी में शरीर गर्म रखने के योगासन दिए जा रहे हैं।
Yoga Tips: सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए योगासन, नियमित अभ्यास से ठंडक से मिलेगी राहत
कुछ योगासन शरीर को अंदरूनी तौर पर गर्म रखने में मदद करते हैं, साथ ही मौसमी बीमारियों से बचाव करते हैं। यहां सर्दी में शरीर गर्म रखने के योगासन दिए जा रहे हैं।
उष्ट्रासन
मैट पर पीठ के बल लेटकर हाथों को बगल में रखें। अब धीरे-धीरे अपने पैरों को घुटनों से मोड़कर हिप्स के पास ले आएं। हिप्स को जितना हो सके फर्श से ऊपर की तरफ उठाएं। कुछ देर के लिए इस स्थिति में सांस को रोककर रखें और फिर सांस छोड़ते हुए वापस पूर्ववत अवस्था में आ जाएं।
सर्वांगासन
सर्वांगासन करते समय पीठ के बल लेट जाएं। दोनों पैर आपस में जोड़ते हुए बांहों और हथेलियों को जमीन की दिशा में रखें। हथेलियों से जमीन को दबाते हुए दोनों पैरों को छत की दिशा में सीधी उठाएं। हिप्स और कमर को जमीन से ऊपर उठाते हुए कोहनी को मोड़कर कमर पर रखें। अपने हाथों से सहारा देकर शरीर को 90 अंश के कोण में रखें। कुछ सेकेंड इसी अवस्था में रहें।
सेतुबंधासन
सेतुबंधासन करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं। अब पैरों को कंधे की चौड़ाई से अलग करते हुए घुटनों को मोड़ लें। हथेलियों को खोले और हाथ बिल्कुल सीधा जमीन पर सटा लें। सांस लेते हुए कमर के हिस्से को ऊपर की ओर उठाएं और कंधे व सिर को सपाट जमीन पर टिका कर रखें। बाद में सांस छोड़ते हुए पुरानी स्थिति में आ जाएं।
नौकासन
इस योग के अभ्यास के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेटें और हाथों को शरीर के बगल में रखें। गहरी सांस लें और अपनी छाती और पैरों को ऊपर उठाएं। बाहों को अपने पैरों की ओर फैलाएं। आपकी आंखें, उंगलियां और पैर की उंगलियां एक सीध में होनी चाहिए। पेट की मांसपेशियों पर दबाव बनाने के लिए अपने नाभि क्षेत्र में तनाव महसूस करें। कुछ समय तक इस स्थिति में बने रहें और फिर पूर्ववत आ जाएं।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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