सर्दियों का यह मौसम कई प्रकार से सेहत के लिए समस्याओं को बढ़ाने वाला माना जाता रहा है। यह मौसम न सिर्फ हृदय की सेहत के लिए चुनौतीपूर्ण है साथ ही यह उन लोगों के लिए दिक्कतें बढ़ाने वाला मौसम है जो पहले से ही घुटनों में दर्द से परेशान हैं। डॉक्टर बताते हैं, ठंड के मौसम में आपके टेंडन, मांसपेशियां, जोड़ के ऊतक सूज सकते हैं, जिसके कारण घुटने में दर्द की समस्या इस मौसम में अधिक देखी जाती रही है। जिन लोगों को पहले से ही आर्थराइटिस की समस्या रही है, उनके लिए सर्दियों का यह मौसम जटिलाओं को बढ़ाने वाला माना जाता है।
Yoga Tips: ठंड में घुटनों के दर्द की बढ़ जाती है समस्या, योगासनों के अभ्यास से इसमें पा सकते हैं आराम
ऑस्टियोआर्थराइटिस में भी योग से लाभ
साल 2016 में अध्ययनों की समीक्षा में शोधकर्ताओं ने पाया कि योग के अभ्यास की आदत ऑस्टियोआर्थराइटिस की समस्या को कम करने में भी लाभकारी है। अध्ययनों में प्रतिभागियों ने दो सप्ताह में ही दर्द से राहत और कार्यात्मक सुधार का अनुभव किया। इस आधार पर शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि योग, घुटनों के दर्द से राहत दिलाने और गतिशीलता में सुधार का एक बेहतर उपाय हो सकता है। गठिया और घुटनों के सामान्य दर्द को कम करने में इससे विशेष लाभ पाया जा सकता है।
आइए जानते हैं कि विशेषज्ञ किन आसनों को लाभकारी मानते हैं।
वॉरियर पोज से मिलता है आराम
वॉरियर पोज के नियमित अभ्यास की आदत बनाने से घुटनों को मजबूत बनाने में मदद मिलती है। योग के अभ्यास से जोड़ों के आसपास की मांसपेशियों के अतिरिक्त दबाव को कम किया जा सकता है और यह रक्त के संचार को बढ़ावा देने में भी मदद करता है। वॉरियर पोज के दौरान संतुलित मुद्रा में खड़े होने के अभ्यास से घुटने के आसपास की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और दर्द को कम किया जा सकता है। वॉरियर पोज शरीर की सभी बड़ी मांसपेशियों के लिए लाभकारी है।
सेतुबंधासन योग से दर्द में लाभ
घुटनों के लिए सेतुबंधासन योग के अभ्यास को शोधकर्ताओं ने काफी लाभकारी पाया है। ग्लूट्स को एंगेज करने के साथ एड़ी के माध्यम शरीर को ऊपर उठाने के इस अभ्यास के दौरान शरीर के निचले हिस्से की मांसपेशियों को आराम मिलता है। कमर-पीठ दर्द की समस्या को कम करने के साथ आर्थराइटिस के जोखिमों से बचाने में भी नियमित रूप से सेतुबंधासन योग को फायदेमंद पाया गया है।
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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