संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए नियमित रूप से योगासनों का अभ्यास करना विशेष लाभदायक माना जाता है। अमेरिकन ऑस्टियोपैथिक एसोसिएशन के अनुसार, योग का अभ्यास करने से मन और शरीर की शक्ति बढ़ती है। विभिन्न योग आसनों का नियमित रूप से अभ्यास शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। शरीर के लचीलेपन में सुधार करने से लेकर मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने तक के लिए योगासनों को फायदेमंद माना जाता है।
आज का योग: ऐसे लोगों के लिए बेहद लाभदायक है सर्वांगासन योग का अभ्यास, जानिए इससे होने वाले लाभ
कैसे किया जाता है सर्वांगासन योग?
पूरे शरीर की मांसपेशियों और तंत्रिकाओं के लिए सर्वांगासन योग का अभ्यास करना विशेष लाभदायक माना जाता है। इससे अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए इसका सही ढंग से अभ्यास किया जाना आवश्यक है। आसन की सही जानकारी के लिए किसी विशेषज्ञ से सलाह ले लें। सर्वांगासन योग को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं। अब पैरों 90 डिग्री तक ऊपर की ओर ले जाएं। पांवों को सिर की सीध में रखें। शरीर को इस तरह से सीधा रखें कि ठोड़ी छाती पर आकर लगे। इस अवस्था में कुछ समय रहने के बाद धीरे-धीरे मूल अवस्था में लौटें।
सर्वांगासन योग के क्या लाभ हैं?
योग विशेषज्ञों के मुताबिक सर्वांगासन योग मन और शरीर दोनों की सेहत के लिए अविश्वसनीय रूप से लाभकारी हो सकता है।
- सर्वांगासन पूरे शरीर में रक्त परिसंचरण में सुधार के लिए बहुत अच्छा योग है। मस्तिष्क में रक्त के संचार को बढ़ाने के लिए इसका अभ्यास लाभदायक माना जाता है।
- पीठ दर्द से पीड़ित लोग इस आसन से लाभ उठा सकते हैं , यह रीढ़ की हड्डी को मजबूत करने में मदद करता है। यदि आप इसे नियमित रूप से सही तकनीक से करते हैं तो यह पीठ दर्द को भी ठीक कर सकता है।
- सर्वांगासन, महिलाओं और पुरुषों दोनों की प्रजनन क्षमता में भी सुधार करता है।
- यह आसन पाचन में सुधार करने में भी मदद करता है। कब्ज को रोकने और अपच से संबंधित अन्य समस्याओं को ठीक करने में इसे मददगार माना जाता है।
- सर्वांगासन योग आपको रात की अच्छी नींद दिलाने में मदद कर सकता है।
- चेहरे से काले घेरों को कम करने और चमकती त्वचा के लिए भी इस योग के लाभ हैं।
- मधुमेह वाले रोगियों को भी सर्वांगासन योग से लाभ मिलता है। यह आसन रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। अग्न्याशय के कामकाज में सुधार करने और इंसुलिन के उत्पादन को नियंत्रित करने में भी इसके लाभ हैं।
- सर्वांगासन, थायरॉयड और पैराथायरायड ग्रंथियों को उत्तेजित करने, उनके कामकाज को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। हाइपरथायरायडिज्म और हाइपोथायरायडिज्म से पीड़ित लोग भी इस योग मुद्रा से लाभ उठा सकते हैं।
- वजन कम करने में इस योग के लाभ हो सकते हैं।
- सर्वांगासन आपके कंधों को मजबूत करने और शारीरिक शक्ति को बढ़ाने में भी मदद करता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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