Yoga Tips : आपके कितने स्वस्थ हैं, यह आपका पेट आसानी से बता सकता है। पेट पाचन से लेकर पोषक तत्वों के अवशोषण तक को बढ़ाने और शरीर को स्वस्थ व फिट रखने में सहायता करता है। पेट के अंगों में होने वाली किसी भी तरह की समस्या का असर संपूर्ण स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। पेट में होने वाली समस्याओं के कारण पेट फूलने लगता है, कब्ज और अपच की परेशानी हो सकती है। हालांकि सामान्य तौर पर कुछ दवाओं के सेवन से इन समस्याओं को ठीक किया जा सकता है। लेकिन अगर अक्सर ही पेट संबंधी परेशानी का सामना करना पड़े तो नियमित योग के अभ्यास से लाभ मिल सकता है।
Yoga Tips: पेट संबंधी समस्याओं से अक्सर रहते हैं परेशान तो नियमित करें इन योगासनों का अभ्यास
मार्जरी आसन
पेट संबंधी कई तरह की समस्याओं, पेट के अंगों की मालिश और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए मार्जरी आसन का अभ्यास असरदार है। इस आसन को कैट काऊ पोज भी कहते हैं। यह योग आंतों को स्वस्थ रखने और पेट फूलने की शिकायत से छुटकारा दिलाने में भी लाभकारी है। पेट, पीठ व रीढ़ की समस्याओं से निजात पाने के लिए भी मार्जरी आसन करना चाहिए।
सेतुबंधासन का अभ्यास
सेतुबंधासन को ब्रिज पोज कहते हैं। इस आसन से पीठ व कमर की समस्याओं के साथ ही पेट के स्वास्थ्य और पाचन को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। इस आसन के अभ्यास से कमर और पीठ में दर्द की समस्या से निजात पाया जा सकता है। इस आसन को करने के लिए पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़कर पेट को हवा में ऊपर की ओर ले जाया जाता है। इस पोजीशन से पेट के कई अंगों की मालिश होती है और पाचन की गंभीर दिक्कतें कम की जा सकती हैं।
पवनमुक्तासन से लाभ
पवनमुक्तासन योग का अभ्यास पेट की अतिरिक्त गैस की समस्या को कम करने में सहायक है। इस योग के नियमित अभ्यास से पेट की मांसपेशियां मजबूत होती है और पेट की चर्बी कम की जा सकती है। अक्सर पाचन या कब्ज की समस्या रहती है तो इस योग का अभ्यास फायदेमंद है। पीठ को मजबूत और जोड़ों में रक्त संचार को बढ़ाने के लिए भी पवनमुक्तासन का अभ्यास कर सकते हैं।
नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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