योग भारत की प्राचीनतम चिकित्सा विधियों में से एक है, वर्षों से योग के अभ्यास को करके शरीर और मन को स्वस्थ और फिट रखने में लाभ पाया जाता रहा है। योग सिर्फ मानसिक ही नहीं शारीरिक सेहत को भी बेहतर बनाए रखने में आपके लिए मददगार हैं। योगासनों की एक विस्तृत श्रृंखला है जिसे कई तरह के स्वास्थ्य लाभ के लिए वर्षों से प्रयोग में लाया जाता रहा है। नटराजासन योग उन्हीं में से एक है, जिसके अभ्यास के दौरान शरीर की लगभग सभी मांसपेशियों का अभ्यास हो जाता है। एकाग्रता और संतुलन को बेहतर बनाए रखने के साथ नटराजासन योग को मानसिक शांति प्रदान करने वाला अभ्यास भी माना जाता है।
Yoga Tips: सबसे प्राचीनतम यह योगासन संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए है लाभदायक, जानिए इसके अभ्यास का तरीका
नटराजासन योग कैसे किया जाता है?
योग विशेषज्ञ कहते हैं, इस आसन के अभ्यास के लिए विशेष एकाग्रता और शारीरिक संतुलन की आवश्यकता होती है। सबसे पहले एकदम सीधे पर्वतासन मुद्रा (ताड़ासन) में खड़े होकर दाहिने हाथ को उठाएं। अब अपने बाएं हाथ से बाएं पैर के बाहरी हिस्से को पकड़ें और इसे नितंबों तक लाएं। अपने दाहिने हाथ को फर्श के समानांतर, सामने लाएं। इस स्थिति में शरीर के संतुलन को बनाए रखने के लिए किसी वस्तु पर अपनी दृष्टि स्थिर करें। इस अवस्था में गहरी और लंबी सांस लेते रहें और फिर पूर्ववत स्थिति में वापस आ जाएं। इसी आसन को फिर दूसरे पैर से भी दोहराएं।
नटराजासन योग करने के क्या लाभ हैं?
विशेषज्ञ बताते हैं, कई प्रकार से यह योगाभ्यास शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है।
- हैमस्ट्रिंग, पिंडलियों और क्वाड्रिसेप्स की स्ट्रेचिंग करके शरीर को लचीला बनाता है।
- पीठ के निचले हिस्से और जांघों को टोन करता है।
- बाहों और कंधों की मांसपेशियों को टोन करने में सहायक है।
- रीढ़, कंधों और हैमस्ट्रिंग की मासंपेशियों की शक्ति बढ़ाता है।
- पीठ की समस्याओं को ठीक करने और शारीरिक मुद्रा में सुधार करने में भी इस योग को कारगर माना जाता है।
- एकाग्रता बढ़ाने और मानसिक शांति के लिए इस योग का अभ्यास किया जा सकता है।
नटराजासन योग से संबंधित सावधानियां
नटराजसन का नियमित रूप से अभ्यास करना बहुत फायदेमंद माना जाता हालांकि यदि आपको टखने या पीठ के निचले हिस्से में चोट लगी है या इनमें तेज दर्द रहता है तो इस मुद्रा को करने से बचें। इसके अतिरिक्त निम्न रक्तचाप, चक्कर आने की समस्या में भी इस योग मुद्रा का अभ्यास न करने की सलाह दी जाती है। यदि योग का अभ्यास करने से पहले आपको कोई चिकित्सकीय समस्या है तो अपने डॉक्टर से चर्चा करें। किसी विशेषज्ञ की निगरानी में योग का अभ्यास करना आपको अधिक लाभ प्रदान करने में सहायक है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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