शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की फिटनेस के लिए रोजाना योग-व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। योगासन, शरीर की बेहतर स्ट्रेचिंग के साथ हार्मोन्स के स्तर को ठीक रखने और रक्त परिसंचरण को बढ़ावा देने में काफी सहायक माने जाते हैं। यही कारण है कि सभी उम्र के लोगों के नियमित रूप से दिनचर्या में योगासनों को शामिल करने की सलाह दी जाती है।
आज का योग: माउंटेन पोज के रोजाना अभ्यास से होते हैं यह स्वास्थ्य लाभ, दिनचर्या में इसे शामिल करना बहुत फायदेमंद
माउंटेन पोज का अभ्यास कैसे किया जाता है?
माउंटेन पोज या ताड़ासन का अभ्यास अपेक्षाकृत सरल है पर इसमें आपको विशेष सतर्कता और ध्यान देने की आवश्यकता होती है। यदि आप इस अभ्यास की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं तो इस बारे में किसी योग विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें। माउंटेन पोज योग का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाए। गहरी सांस लेते हुए अपनी दोनों बाजुओं को सिर के ऊपर उठाते हुए उंगलियों को आपस में बांध लें। अब अपनी एड़ी उठाते हुए अपने पैर की उंगलियों पर खड़े हो जाएं। इस अवस्था में पैरों से लेकर हाथों की उंगलियों तक स्ट्रेचिंग करने की कोशिश करें। कुछ समय तक इसी अवस्था में बने रहे और फिर पूर्ववत स्थिति में आ जाएं।
माउंटेन पोज करने के क्या लाभ हैं?
माउंटेन पोज के अभ्यास को शरीर के लिए कई प्रकार से लाभदायक माना जाता है। मानसिक रूप से यह आपके ध्यान और एकाग्रता को बढ़ावा देने के साथ शारीरिक मुद्रा में सुधार करने और अंगों को मजबूती देने में आपके लिए विशेष लाभदायक है।
- यह आसन आपकी शारीरिक मुद्रा में सुधार करने के साथ छाती की स्ट्रेचिंग करने और रीढ़ को सीधा रखने में काफी सहायक है।
- जांघों, नितंबों और पैर की मांसपेशियों में रक्त के संचार को बढ़ावा देने और इन्हें मजबूत करने में इस योग के विशेष लाभ हैं।
- शारीरिक और मानसिक एकाग्रता को बढ़ाने में यह काफी फायदेमंद योगाभ्यास है।
- पैरों के दर्द और साइटिका जैसी दिक्कतों को दूर करने में इस योग के अभ्यास के लाभ हैं।
- तनाव और चिंता जैसे मानसिक स्वास्थ्य विकारों को ठीक करने में इस योग के अभ्यास को विशेष लाभप्रद माना जाता है।
माउंटेन पोज से संबंधित सावधानियां
माउंटेन पोज के अभ्यास से वैसे तो किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होती है हालांकि यदि आपको घुटनों या एड़ी में समस्या है, तो इस योग के अभ्यास से पहले किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें। इस योग की शुरुआती स्थिति में किसी विशेषज्ञ की निगरानी में ही अभ्यास करें। यदि योग के दौरान आपको किसी भी तरह की समस्या का अनुभव होता है तो इसे तुरंत रोक दें।
-------------------------
नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।