Mothers Day 2025: मदर्स डे 11 मई 2025 को मनाया जा रहा है। इस दिन मां के मातृत्व को सलाम किया जाता है, जिसके लिए बच्चे अपनी मांं को खास महसूस कराते हैं। बच्चों का फर्ज बनता है कि वह अभी अपनी मां की उसी तरह देखभाल या फिक करें जैसे मां करती हैं। इसलिए मदर्स डे पर मां को कोई तोहफा दे या न दें, लेकिन स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित जरूर करें। मां के बेहतर स्वास्थ्य के लिए बच्चे मां को योगासन सिखा सकते हैं।
Mothers Day 2025: मां को सिखाएं ये तीन योगासन, बुढ़ापे में भी रहेंगी अपने बच्चों के बराबर एक्टिव
भुजंगासन
भुजंगासन का अभ्यास पीठ की हड्डियों को मजबूत बनाता है। इससे मेरुदंड लचीला बनाता है और स्लिप डिस्क जैसी समस्याओं से बचाव होता है। भुजंगासन फेफड़ों की क्षमता भी बढ़ाता है। हार्मोन संतुलन के लिए भी यह आसन प्रभावशाली है। इस आसन को करने के लिए पेट के बल लेट कर हथेलियां कंधे के नीचे रखें। सांस लेते हुए शरीर के ऊपरी भाग को ऊपर उठाएं और नाभि तक शरीर जमीन पर रहे। 15-30 सेकंड तक इस स्थिति में रुके और धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौटें।
वृक्षासन
महिलाओं के लिए वृक्षासन का अभ्यास फायदेमंद है। इस आसन के अभ्यास से संतुलन और एकाग्रता बढ़ती है। पैरों की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं और शरीर में लचीलापन आता है। घुटने मजबूत होते हैं और हड्डियों की कमजोरी से बचाव होता है। वृक्षासन के अभ्यास के लिए एक पैर पर खड़े होकर दूसरा पैर जांघ पर रखें और दोनों हाथ नमस्कार मुद्रा में जोड़ें।
सेतुबंधासन
सेतुबंधासन का नियमित अभ्यास पीठ और कूल्हों की ताकत बढ़ाता है। इससे मांसपेशियों में लचीलापन लाता है और मासिक धर्म संबंधी समस्याओं में राहत मिलती है। इस आसन का नियमित अभ्यास हार्मोन ग्रंथियों को उत्तेजित करता है, थायराइड और ओवरीज़ की कार्यक्षमता को बढ़ाता है और तनाव कम करता है। सेतुबंधासन का अभ्यास करने के लिए पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़े। पैरों को हिप्स के पास रखते हुए धीरे-धीरे कूल्हे को ऊपर उठाएं और हाथों को जमीन पर टिकाकर शरीर का सहारा दें।
नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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