Mother's Day 2024 Yoga Poses For Mom And Baby : एक महिला गर्भधारण करने से लेकर प्रसव के दौरान तक कई स्वास्थ्य परेशानियों से जूझती है। यहां तक कि बच्चे के जन्म के बाद उसे शिशु के लिए अपनी सेहत पर अधिक ध्यान देना पड़ता है। मां की सेहत का असर शिशु पर गर्भावस्था से लेकर जन्म लेने के बाद तक होता है। ऐसे में हर महिला को अपनी सेहत पर विशेष ध्यान देना चाहिए, साथ ही अपने बच्चे को भी स्वस्थ रखने हेतु जीवनशैली में कुछ अच्छी आदतों को शामिल करना चाहिए।
Mother's Day 2024: मां और बच्चे को साथ में करना चाहिए इन योगासनों का अभ्यास, सेहत व रिश्ते दोनों होंगे मजबूत
बालासन
प्रसव के बाद एक महिला की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं। मांसपेशियों की कमजोरी की दूर करने के लिए बालासन का अभ्यास फायदेमंद है। वहीं बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए भी बालासन लाभकारी साबित हो सकता है। इस योग का अभ्यास बेहद सरल है, जिसे मां के साथ बच्चा आसानी से कर सकता है।
कैसे करें
घुटनों के बल बैठकर सांस भरते हुए सामने नीचे की ओर झुकें और बाहों का सामने की तरफ फैलाकर जमीन को स्पर्श करें। इसी अवस्था में कुछ देर बने रहने के बाद सामान्य स्थिति में आ जाएं।
मार्जरी आसन
मार्जरी आसन का अभ्यास कमर और पीठ दर्द से राहत दिलाता है। महिलाओं के लिए यह योग काफी लाभकारी है। इससे प्रजनन संबंधी समस्याओं से निजात मिलता है। बच्चे की शारीरिक मुद्रा में सुधार के लिए भी यह योग लाभकारी साबित हो सकता है।
कैसे करें
इस योग में मुद्रा बिल्ली जैसी बनती है। इसके अभ्यास के लिए वज्रासन की मुद्रा में बैठकर गहरी सांस लेते हुए हाथों की हथेलियों को आगे की तरफ रखें। हाथों पर शरीर का पूरा भार देते हुए घुटनों पर खड़े हो जाएं। अब कमर को नीचे की ओर खींचते हुए गर्दन को ऊपर की तरफ उठाएं।
मलासन
मलासन के अभ्यास से पेट, जांघों व रीढ़ की हड्डी में खिंचाव आता है और पेट व जांघों में जमा अतिरिक्त चर्बी घटाने में मदद मिलती है। इस योग के अभ्यास से पेल्विक हिस्से की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। बच्चों के विकास में यह योगासन लाभकारी होता है।
कैसे करें
इस आसन को करने के लिए घुटनों को मोड़कर और पंजों के बल बैठ जाएं। कूल्हे को जमीन पर स्पर्श न होने दें और शरीर का पूरा भार पंजों व दोनों हाथ पर रखते हुए नमस्कार की मुद्रा बना लें। इस स्थिति में कुछ देर बने रहने के बाद वापस सामान्य मुद्रा में आ जाएं।
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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