करोड़ों का बाजार है। ढेरों सलाह हैं। वजन कम करना क्या इतनी बड़ी समस्या है? स्वस्थ रहने के लिए हम इतने तनाव में क्यों रहते हैं? शाकाहार के बारे में आपकी क्या राय है? बढ़ते वजन को कम करने में शाकाहारी आहार अहम भूमिका निभाता है। अगर आपकी डाइट में एक संतुलित शाकाहारी भोजन शामिल हो, तो वजन को बेहतर तरीके से घटाया जा सकता है। कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल की आहार विशेषज्ञ भावना शर्मा कहती हैं कि शाकाहारी भोजन न केवल वजन घटाने के लिए बल्कि टाइप-2 मधुमेह के लिए भी काफी कारगर है।
स्वस्थ रहने के लिए तनाव छोड़ अपनाएं ये तरीके, झट से दूर होगा मोटापा
शाकाहारी भोजन और वजन घटाने के बीच संबंधों का पता लगाने के लिए हुई तमाम रिसर्च यह बताती है कि अगर अपने आहार से मांसाहारी भोजन और अन्य एनिमल-बेस्ड चीजों को निकाल दें, तो मसल्स से फैट को आसानी से कम किया जा सकता है। परिणामस्वरूप, इस तरह की खान-पान की आदतें आपका मेटाबोलिज्म ठीक करती हैं। शाकाहारी भोजन जांघों के नीचे से सब्क्युटेनियस फैट (त्वचा के नीचे जमा मोटापा) कम कर सकता है। लगातार शाकाहारी आहार लेने से सबफेशियल फैट (मसल्स की सतह का फैट) और इंट्रामस्कुलर फैट (मसल्स के भीतर का फैट) भी प्रभावी रूप से कम होता है।
ड्राई फ्रूट जरूरी
शाकाहारी भोजन में अधिक मात्रा में फाइबर, आवश्यक पोषण जैसे कि विटामिन-ए, विटामिन-सी, मैग्नीशियम, अनसैचुरेटेड फैट और फाइटो केमिकल्स होते हैं। ये बेहतर वजन प्रबंधन में सहायक हैं और कोलेस्ट्रॉल स्तर कम करके ब्लड प्रेशर को स्थिर रखते हैं, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है। इस तरह के आहार में नट्स बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि इनमें बेहद जरूरी फैटी एसिड और अनसैचुरेटेड फैट होते हैं, जो वजन घटाने में सहायक होते हैं। जंक फूड की जगह अखरोट, बादाम, पिस्ता और मूंगफली को स्नैक्स में शामिल कर आप अपनी बढ़ती कमर को नियंत्रित कर सकती हैं।
वेगन डाइट लाभदायक
ऐसा शाकाहारी डाइट प्लान, जिसमें कोई भी डेयरी उत्पाद शामिल न हो, उसे वेगन डाइट कहते हैं। इस तरह की डाइट में, डेयरी उत्पाद को हटाकर सोया मिल्क, बादाम मिल्क अथवा टोफू आदि को शामिल किया जाता है, ताकि डेयरी उत्पाद की जरूरतें पूरी हो सके। वेगन डाइट लेने से आपका वजन सामान्य डाइट प्लान लेने वालों की तुलना में अधिक तेजी से कम होता है। इससे आपको बेहतर प्रोटीन भी मिलता है, जो डेयरी उत्पाद में मौजूद होता है। इसके अलावा एक ही चीज को बार-बार खाने की बजाए आप अलग-अलग चीजों को डाइट में शामिल करें। इससे आप खाने से बोर भी नहीं होंगे और आपकी डाइट भी हेल्दी रहेगी।
आप जो फूड आइटम लेती हैं, उनमें बदलाव लाकर अपने मेटाबोलिज्म को सुधार सकती हैं। इन बदलावों को अपनी आदत का हिस्सा बनाने से आपको लम्बे समय के लिए फायदा होगा।
खाने का समय फिक्स करें :
हर दिन एक समय पर खाना खाने से आपका दिमाग और पेट पहले से इसके लिए तैयार रहेगा। अपना डिनर सोने से कम से कम दो घंटा पहले खाने की कोशिश करें। इसके साथ ही, अगर आप एक्सरसाइज करती हैं, तो एक्सरसाइज खत्म करने के एक घंटे के भीतर खाने की कोशिश करें। इससे न सिर्फ आपकी भूख शांत होगी, बल्कि आपकी मांसपेशियां भी रिपेयर होंगी।
मात्रा को लेकर रहें सतर्क :
आपका डाइट प्लान तभी बेहतर तरह से काम करेगा, जब आप अपने भोजन को एक स्वस्थ सीमा के भीतर खाएंगी। इसके लिए नाश्ते अधिक खाएं और दिन आगे बढ़ने के साथ-साथ भोजन की मात्रा कम करें। डिनर में सबसे कम मात्रा में भोजन करने में फायदा होगा।
प्रोटीन इनटेक पर रखें नजर :
शाकाहारी या वेगन डाइट में हाई-ऑक्टेन एनिमल प्रोटीन लेना आपके लिए अच्छा नहीं होगा। ऐसे में यह सुनिश्चित करें कि आपके आहार में भरपूर मात्रा में प्लांट प्रोटीन शामिल हो, ताकि आपके शरीर की जरूरतें पूरी हो सकें।
रेडीमेड चीजों से बचें :
छिपी हुई कैलोरी आपके डाइट प्लान की सबसे बडी दुश्मन है। इसलिए अपनी हेल्थ ड्रिंक अथवा वेगन आइसक्रीम में मिले शुगर की मात्रा पर गौर जरूर करें। इन्हें इस्तेमाल करने से पहले इनका लेबल जरूर पढ़ें। बहुत सारा पानी पिएं, जिससे आपका शरीर हाइड्रेटेड रहे और बिना किसी कैलोरी के आपके शरीर से टॉक्सिंस बाहर निकलते रहें।