धार्मिक महत्व के लिहाज से आज का दिन लोगों के लिए बेहद खास है। जहां एक ओर आज शनि अमावस्या है। वहीं, 11 अगस्त को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण भी लगेगा। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसका भारत पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
उत्तरी गोलार्ध में सुबह के समय यह दिखाई देगा। भारतीय समयानुसार रात्रि एक बजकर 32 मिनट 8 सेकेंड पर ग्रहण शुरू होगा, जो कि रात्रि तीन बजकर 16 मिनट 24 सेकेंड तक पूर्ण होगा। पंडित प्रकाश जोशी ने बताया कि जिनका कार्य विदेशों से संबंधित है उन पर प्रभाव पड़ सकता है।
वृषभ, सिंह, वृश्चिक और कुंभ राशि पर कुछ असर देखने को मिल सकता है। कुंभ राशि वालों के लिए यह थोड़ा परेशानी का कारण बन सकता है, उन्हें हर फैसले संभल कर लेने होंगे। कन्या राशि वालों को लाभ हो सकता है। वहीं वृषभ राशि वालों को भी थोड़ी सचेत रहने की जरूरत है। सिंह राशि वाले सेहत को लेकर सचेत रहें। यह सूर्य ग्रहण उत्तरी अमेरिका, कनाडा उत्तर पश्चिमी एशिया, दक्षिण कोरिया, मास्को, चीन और लंदन में दिखाई देगा। भारत में ग्रहण का प्रभाव बिल्कुल नहीं होगा।
जूते चप्पल का दान शुभ
11 अगस्त, शनिवार को विशेष संयोग बनने जा रहा है। इस बार 11 अगस्त को शनिवार के दिन अमावस्या पड़ने जा रहा है जिसे शनि अमावस्या कहते हैं। साथ ही इसी दिन सूर्य ग्रहण भी लगेगा। इसके अलावा इस दिन हरियाली अमावस्या का त्योहार भी है।
शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए शनि अमावस्या पर जूते चप्पल का दान शुभ माना जाता है। शमी के पेड़ की पूजा करना भी फलदायी होगा। मान्यता कि जो भक्त हनुमान जी की पूजा करते हैं उन्हें शनि देव कभी भी पीड़ा नहीं पहुंचाते। शनि अमावस्या पर तेल चढ़ाने और दीपक जलाने से शनि दोष और पितृ दोष आसानी से दूर हो जाता है। काली गाय की सेवा करने से शनि दोष से मुक्ति मिल जाती है।