Pranayama Mistakes: प्राणायाम को योग और वेलनेस रूटीन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। कई लोग सुबह उठकर या एक्सरसाइज के बाद कुछ मिनट प्राणायाम करते हैं, लेकिन सिर्फ सांस लेने और छोड़ने से ही सही प्राणायाम नहीं हो जाता। सांस लेने का तरीका, गति, शरीर की स्थिति और अपनी क्षमता का ध्यान रखना भी जरूरी है।
योग टिप्स: प्राणायाम करते समय कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये 7 गलतियां? जानें सही तरीका
How To Do Pranayama: कई बार लोग जल्दी-जल्दी सांस लेते हैं, जरूरत से ज्यादा देर तक सांस रोकते हैं या शुरुआत में ही कठिन प्राणायाम करने की कोशिश करते हैं। ऐसी गलतियां अभ्यास को असहज बना सकती हैं। खासकर नए लोगों के लिए प्राणायाम को धीरे-धीरे और सहज तरीके से शुरू करना बेहतर होता है।
प्राणायाम करते समय होने वाली 7 आम गलतियां
शुरुआत में ही बहुत तेज सांस लेना
प्राणायाम का मतलब हमेशा तेज गति से सांस लेना नहीं होता। कुछ तकनीकों में सांस की गति विशेष होती है, लेकिन हर व्यक्ति के लिए एक जैसी गति सही नहीं हो सकती।
शुरुआत में सांस को सहज रखें और किसी भी अभ्यास की गति धीरे-धीरे बढ़ाएं। अगर तेज सांस लेने पर चक्कर या बेच अपनी क्षमता से अधिक सांस रोकने की कोशिश न करें। सांस रोकने में असहजता और बैचेनी महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं।
सामान्य श्वसन अभ्यासों में नाक से सांस लेने पर जोर दिया जाता है, लेकिन अलग-अलग प्राणायाम तकनीकों के नियम अलग हो सकते है। याद रखें कि प्राणायाम में जल्दबाजी से ज्यादा जरूरी सही तकनीक और सहजता है।
जरूरत से ज्यादा देर तक सांस रोकना
कुछ प्राणायाम तकनीकों में सांस रोकने का अभ्यास किया जाता है, जिसे कुंभक कहा जाता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि शुरुआत से ही लंबे समय तक सांस रोकने की कोशिश की जाए।
शुरुआती लोग अपनी क्षमता से अधिक सांस रोकने की कोशिश न करें। सांस रोकने में असहजता, चक्कर या घबराहट महसूस हो तो अभ्यास रोक दें। खास स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोगों को सांस रोकने वाले अभ्यास से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
शरीर को जरूरत से ज्यादा तनाव में रखना
प्राणायाम करते समय केवल सांस पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। शरीर की स्थिति भी सहज होनी चाहिए। कंधों को जरूरत से ज्यादा ऊपर उठाना, गर्दन में तनाव रखना या चेहरे की मांसपेशियों को कसना अभ्यास को असहज बना सकता है। रीढ़ को आरामदायक और स्थिर स्थिति में रखें, लेकिन शरीर को जबरदस्ती सीधा रखने की कोशिश न करें।
मुंह से सांस लेना, जब तकनीक इसकी मांग न करे
कई सामान्य श्वसन अभ्यासों में नाक से सांस लेने पर जोर दिया जाता है, लेकिन अलग-अलग प्राणायाम तकनीकों के नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए हर प्राणायाम में एक ही तरह से सांस लेने की कोशिश न करें। जिस तकनीक का अभ्यास कर रहे हैं, उसकी सही विधि समझना जरूरी है। अगर आप नए हैं, तो किसी योग्य योग प्रशिक्षक से तकनीक सीखना उपयोगी हो सकता है।