बाल झड़ने की समस्या लोगों में काफी आम हो गई है। आपको अपने आसपास 30 से कम उम्र के लोग बाल झड़ने और गंजेपन की समस्या का शिकार दिख जाएंगे। अध्ययनों से पता चलता है कि लाइफस्टाइस और खान-पान में गड़बड़ी के अलावा बढ़ते प्रदूषण ने बालों की सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
जानना जरूरी: तेजी से झड़ रहे हैं आपके बाल, गंजेपन का सता रहा है डर? कहीं कैल्शियम की कमी तो नहीं है वजह
बाल झड़ने के कई कारण हो सकते हैं। आनुवंशिकता, थायरॉयड, हार्मोनल समस्याएं, तनाव और आयरन-प्रोटीन जैसे पोषक तत्वों की कमी भी इसके कारण हो सकते हैं। बिना जांच सप्लीमेंट लेने के बजाय पहले असली वजह पता करना ज्यादा जरूरी है।
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि हर किसी में बाल झड़ने की वजह एक जैसी नहीं होती। इसलिए कम उम्र में अचानक या लगातार बाल झड़ रहे हैं, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय इसकी असली वजह समझना जरूरी है।
क्या आप जानते हैं कि शरीर में कैल्शियम की कमी होने पर भी बालों की सेहत प्रभावित हो सकती है। आयरन, प्रोटीन, जिंक या बायोटिन की कमी से भी बाल झड़ सकते हैं। कैल्शियम को चूंकि हड्डियों की सेहत से जोड़कर देखा जाता है इसलिए बालों के झड़ने ने पीछे ये भी कारण हो सकता है, अक्सर इस तरफ ध्यान ही नहीं जाता।
कैल्शियम की कमी से बालों की दिक्कतें
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कैल्शियम की कमी हड्डियों के साथ-साथ बालों की जड़ें भी कमजोर कर सकती है। इससे केराटिन का उत्पादन प्रभावित हो सकता है, जिससे बाल रूखे और कमजोर हो जाते जिससे उनके पतले होने या टूटने का खतरा बढ़ जाता है।
वैसे तो सिर्फ कैल्शियम की कमी से बाल झड़ने की समस्या बहुत कम होती है। कैल्शियम की गंभीर या लंबे समय तक रहने वाली कमी (हाइपोकैल्सीमिया) के कारण बालों में बदलाव अधिक देखा जाता रहा है।
- बालों के साथ-साथ कैल्शियम की कमी के कारण नाखून भी कमजोर होने लग जाते हैं।
डर्मेटोलॉजिस्ट गरिमा चौहान के अनुसार आयरन, प्रोटीन, जिंक और बायोटिन जैसे पोषक तत्वों की कमी बालों के झड़ने को बढ़ावा दे सकती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति को इनकी सप्लीमेंट की गोली लेने की जरूरत चाहिए। जरूरत से ज्यादा कुछ पोषक तत्व लेना भी नुकसान कर सकता है। इसलिए अगर आपमें किसी विटामिन या न्यूट्रिशन की कमी है तो इस बारे में डॉक्टर की सलाह पर ही कोई दवा या सप्लीमेंट लेना चाहिए।
क्या है डॉक्टर की सलाह?
डर्मेटोलॉजिस्ट बताती हैं, रोज कुछ बाल गिरना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। आम तौर पर रोज 30- 50 बाल गिर सकते हैं। समस्या तब मानी जाती है जब बाल लगातार ज्यादा मात्रा में गिरने लगें, हेयरलाइन पीछे जाने लगे या बालों की डेंसिटी कम होने लगे। किसी बीमारी या तनाव के बाद होने वाला अत्यधिक हेयर शेडिंग कई बार कुछ महीनों में शुरू होता है और कारण खत्म होने के बाद धीरे-धीरे सुधार सकता है।
अगर बाल अचानक गुच्छों में गिर रहे हैं, गोल-गोल पैच बन रहे हैं, स्कैल्प में लालिमा या सूजन है तो सही कारण पता करना जरूरी है। समय रहते जांच और इलाज शुरू होने से बड़ी समस्याओं से बचा जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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