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रिलेशनशिप टिप्स: क्या आपका पार्टनर अब सिर्फ रूममेट जैसा लगता है? रिश्ते की खोई नजदीकी ऐसे करें वापस
Sat, 03 Oct 2026 09:38 PM IST
शिवानी अवस्थी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवानी अवस्थी
Updated Sat, 03 Oct 2026 09:38 PM IST
सार
Roommate Phase in Marriage: रूममेट फेज’ रिश्ते की वह स्थिति है, जब आप एक-दूसरे के साथ तो रहते हैं, लेकिन रिश्ता पार्टनर से ज्यादा रूममेट जैसा महसूस होता है। दोनों अपनी-अपनी दिनचर्या में व्यस्त रहते हैं और बातचीत ज्यादातर घर के जरूरी कामों तक सिमट जाती है।
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रूममेट कपल
- फोटो : AI
विस्तार
Relationship Tips: सुबह अलार्म के साथ आप दोनों का दिन शुरू होता है। दोनों अपने-अपने काम में जुट जाते हैं और फिर दफ्तर, घर, बच्चों और जिम्मेदारियों के बीच पूरा दिन कब निकल जाता है, पता ही नहीं चलता। रात में साथ खाना, थोड़ा टीवी और फिर नींद। सब कुछ सामान्य दिख रहा है, लेकिन सोचा है कहीं रिश्ते की गरमाहट तो कम नहीं हो रही?
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बातचीत होती भी है, तो बिजली के बिल, बच्चों की पढ़ाई, घर के काम या अगले दिन की प्लानिंग तक सीमित रहती है। अगर आपके रिश्ते में भी प्यार भरी बातचीत, साथ हंसना और एक-दूसरे के लिए वक्त निकालना कम हो गया है, तो संभव है कि आपका रिश्ता ‘रूममेट फेज’ से गुजर रहा हो।
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क्या है ‘रूममेट फेज’
‘रूममेट फेज’ रिश्ते की वह स्थिति है, जब आप एक-दूसरे के साथ तो रहते हैं, लेकिन रिश्ता पार्टनर से ज्यादा रूममेट जैसा महसूस होता है। दोनों अपनी-अपनी दिनचर्या में व्यस्त रहते हैं और बातचीत ज्यादातर घर के जरूरी कामों तक सिमट जाती है। फिर धीरे-धीरे एक-दूसरे की भावनाओं, पसंद-नापसंद और छोटी-छोटी बातों में दिलचस्पी कम होने लगती है। साथ होते हुए भी भावनात्मक दूरी महसूस होना इसका बड़ा संकेत है।
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साथ रहें ही नहीं, साथ वक्त भी बिताएं
एक ही घर में मौजूद रहना और क्वालिटी टाइम बिताना अलग-अलग चीजें हैं। ऐसे में आपको दिन में कम से कम कुछ समय ऐसा निकालना चाहिए, जब मोबाइल, टीवी और दूसरे काम किनारे रखकर सिर्फ एक-दूसरे से बात करें। साथ टहलने जाना, चाय पीना या पुरानी यादें साझा करना भी रिश्ते में नजदीकी बढ़ा सकता है। इस समय आप अपने रिश्ते पर खुलकर बात भी कर सकते हैं।
शिकायतों से ज्यादा संवाद जरूरी
अपने पार्टनर से जरूर पूछें कि आज उनका दिन कैसा रहा, इस समय उन्हें किस बात की चिंता है और वे आगे क्या करना चाहते हैं। उन्हें समय दें, उनकी बातें ध्यान से सुनें और अपनी परेशानियां भी खुलकर साझा करें। शिकायत करने के बजाय अपनी भावनाएं और जरूरतें शांत तरीके से बताएं। एक मजबूत रिश्ते की नींव बातचीत, समझ और साझेपन पर टिकी होती है।
प्यार जताने के छोटे बहाने खोजें
पति-पत्नी के रिश्ते में प्यार बनाए रखने के लिए हमेशा बड़े सरप्राइज जरूरी नहीं होते। अचानक तारीफ करना, पसंद की चीज लाकर देना, साथ बैठकर खाना, हाथ पकड़ना या बिना किसी वजह के प्यार जताना भी असरदार हो सकता है। कभी-कभी शादी या रिश्ते के शुरुआती दिनों की कोई याद दोहराएं। पुरानी गरमाहट को याद करना और नई यादें बनाना रिश्ते को रूटीन से बाहर निकालकर रूममेट से लाइफमेट फेज में वापस ला सकता है।
पुरानी यादों से नई शुरुआत करें
कभी अपनी पहली मुलाकात, पहली डेट या शादी के शुरुआती दिनों की कोई खूबसूरत याद दोहराएं। साथ मिलकर कोई पुरानी फोटो देखें या उसी जगह जाएं, जहां कभी साथ अच्छा समय बिताया था। इसके साथ नई यादें बनाने की कोशिश भी करें। आखिर रिश्ता सिर्फ जिम्मेदारियां निभाने का नाम नहीं, बल्कि साथ जीने और खुशियां बांटने का भी नाम है।
विशेषज्ञ की राय : सुकून का स्थान चाहिए
रिलेशनशिप काउंसर शोभना बताती हैं कि सुख-सुविधा का ख्याल तो परिवार के अन्य सदस्य भी रख लेते हैं, लेकिन पति-पत्नी का रिश्ता रूममेट्स का नहीं, लाइफ पार्टनर्स का होता है। इसका अर्थ केवल साथ रहना नहीं, भावनात्मक अंतरंगता भी है, इसलिए एक-दूसरे के साथ क्वॉलिटी टाइम बिताएं। घर से बाहर हर व्यक्ति संघर्ष करता है, मगर घर संघर्ष का नहीं, समन्वय और सुकून का स्थान होना चाहिए। साथी के सामने खुलकर रहना ही रिश्ते को गहराई देता है।