Surya Namaskar kaise kare: संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए सूर्य नमस्कार बेहतर योगासन है।सूर्य नमस्कार योग का एक महत्वपूर्ण अभ्यास है जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। पहली बार योग करने जा रहे लोग इस बात पर विचारणीय रहते हैं कि किस योग का अभ्यास उनके लिए फायदेमंद होगा। ऐसे में उन्हें सूर्य नमस्कार से शुरूआत करनी चाहिए। न केवल नया योगी, बल्कि नियमित योग करने वाले भी अगर सिर्फ सूर्य नमस्कार का अभ्यास करते हैं तो उन्हें कई स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं।
International Yoga Day 2024: कैसे करें सूर्य नमस्कार? तस्वीरों के माध्यम से आसानी से समझें
सूर्य नमस्कार इतना प्रभावी व असरदार इसलिए है क्योंकि इसमें 12 अलग-अलग आसनों की श्रृंखला शामिल होती है। यह शरीर की सभी मांसपेशियों को सक्रिय करती है और मानसिक शांति प्रदान करती है।
सूर्य नमस्कार के 12 आसन
सूर्य नमस्कार इतना प्रभावी व असरदार इसलिए है क्योंकि इसमें 12 अलग-अलग आसनों की श्रृंखला शामिल होती है। यह शरीर की सभी मांसपेशियों को सक्रिय करती है और मानसिक शांति प्रदान करती है। इन 12 आसनों का सही और नियमित अभ्यास करने से शारीरिक, मानसिक और आत्मिक स्वास्थ्य में सुधार होता है। सूर्य नमस्कार का अभ्यास सुबह के समय करना विशेष रूप से लाभकारी होता है, क्योंकि यह शरीर को दिनभर के लिए ऊर्जावान और ताजगी से भर देता है।
इस लेख में सूर्य नमस्कार के सभी 12 आसनों के बारे में जानिए। सूर्य नमस्कार के सभी आसनों के अभ्यास का चरणबद्ध तरीका समझें।
प्रणामासन
इस आसन में शरीर प्रणाम की मुद्रा में होता है। इसके लिए सीधा खड़े होकर अपने पैरों को पास रखते हुए हाथों को छाती के सामने नमस्कार मुद्रा में जोड़ना चाहिए। प्रणामासन के अभ्यास से मानसिक एकाग्रता और शांति बढ़ती है।
अभ्यास का तरीका
- दोनों पंजे जोड़कर सीधे खड़े हो जाएं
- छाती को फुलाएं और कंधे ढीले रखें
- श्वास लेते हुए दोनों हाथ बगल से ऊपर उठाएं
- श्वास छोड़ते हुए हथेलियों को जोड़ें और छाती के सामने प्रणाम मुद्रा में ले आएं।
यह आसन पीठ और कंधों की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। इसके अभ्यास के लिए हाथों को ऊपर उठाते हुए पीछे की ओर झुकें और कमर को भी पीछे की ओर मोड़ें।
अभ्यास का तरीका
स्टेप 1- श्वास लेते हुए हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं।
स्टेप 2- ऊपरी धड़ और सिर के पीछे की तरफ हल्का कर्व बनाएं।
स्टेप 3- हाथों को ऊपर उठाएं और शरीर को पीछे की ओर मोड़ें।
स्टेप 4- इस मुद्रा में 20 सेकंड रहे और वापस प्रारंभिक स्थिति में आ जाएं।
हस्तपादासन
यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और हैमस्ट्रिंग्स को खींचता है।
अभ्यास का तरीका
स्टेप 1- सांस भीतर खींचते हुए कमर को मोड़कर आगे की ओर झुकें
स्टेप 2- हिप्स को ऊपर उठाते हुए हाथों को पंजे के बगल में जमीन पर रखें।
स्टेप 3- सीना पैर को छूता रहे और सिर को नीचे की ओर झुकाते हुए टांगों के बीच से झांकते रहें।
स्टेप 4- 10-30 सेकेंड इसी अवस्था में रुकें, फिर सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।