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बच्चे को स्तनपान कराते समय भूलकर भी न करें ये एक गलती, खतरनाक हो सकता है अंजाम

Wed, 01 Aug 2018 03:54 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 01 Aug 2018 03:54 PM IST
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Chandigarh. No Breast Feeding to Baby Dangerous for Health
breast feeding
महिलाओं के लिए खबर, बच्चे को स्तनपान कराते समय एक गलती भूलकर भी न करें। अगर आपने लापरवाही बरती तो अंजाम बेहद खतरनाक हो सकता है, जानिए कैसे।
Chandigarh. No Breast Feeding to Baby Dangerous for Health
breast feeding
पीजीआईएमएस में कम्यूनिटी मेडिसन विभाग की यूनिट दो की प्रोफेसर डॉ. मीनाक्षी कलहन के अनुसार, देश में 58.4 फीसदी बच्चों को जन्म लेते ही मां का दूध नहीं पिलाया जाता। इस कारण नवजात की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। समय के साथ इनका वजन कम होना, उम्र के हिसाब से वृद्धि न होना, नजरें कमजोर होना, सुस्त रहना और मोटापा जैसी कई समस्याएं उनको घेर लेती हैं।
Chandigarh. No Breast Feeding to Baby Dangerous for Health
breast feeding
नवजात को फीडिंग कराने में आपकी थोड़ी सी लापरवाही उसके वजन बढ़ाने में बाधक बन सकती है। अंडर वेट बच्चों की समस्या आजकल आम हो गई और इसकी मुख्य वजह है सही तरीके से ब्रेस्ट फीडिंग नहीं कराना। डाक्टरों के अनुसार, नवजात को मां का दूध पिलाना जरूरी है, क्योंकि मां के दूध में ही बीमारी से लड़ने के सभी पोषक तत्व मौजूद होते हैं। मां को एक ब्रेस्ट से कम से कम 10-15 मिनट फीडिंग करानी चाहिए, तभी उसे सभी पोषक तत्व मिल सकेंगे।
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Chandigarh. No Breast Feeding to Baby Dangerous for Health
baby
पांच से सात मिनट तक एक ब्रेस्ट से फीडिंग के दौरान बच्चे को दूध में सिर्फ प्रोटीन मिलता है। इसके बाद ही फैटरिच मिल्क मिलना शुरू होता है। बच्चों को यह फैटरिच मिल्क मिलना जरूरी है। मां का दूध नहीं मिलने पर बच्चे को फार्मूला मिल्क पिलाएं। दूध के पैकेट के रैपर पर दिए गए निर्देशों के अनुसार ही पानी मिलाएं। यदि दूध और पानी की मात्रा में गड़बड़ी आई तो बच्चे का वेट नहीं बढ़ेगा। इसके अलावा बच्चे को गाय-भैंस का दूध भी पिला सकते हैं, लेकिन इस दूध में पानी बिल्कुल न मिलाएं।
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Chandigarh. No Breast Feeding to Baby Dangerous for Health
baby hold mother hand
समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों का वेट लॉस 5-10 प्रतिशत होता है। यह वेट लॉस एक समान्य प्रक्रिया है। वहीं, जो बच्चे समय पर पैदा होते हैं, उनका वजन सात से दसवें दिन में बर्थ वेट के बराबर रीगेन हो जाता है। उसके बाद बच्चों का वजन बढ़ना शुरू होता है और लगभग 30-40 ग्राम वजन डेली बढ़ता है। जो बच्चे समय से पहले पैदा होते हैं, वह अपना वेट 14 दिनों तक रिगेन करते हैं और उसके बाद उनका वजन बढ़ना शुरू होता है।
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