बच्चों के अंदर अच्छी आदतें डालना अभिभावकों की जिम्मेदारी है। बचपन से ही जब हम उनके अंदर सही दिनचर्या और खानपान सिखाते हैं तो आगे चलकर वहीं बच्चे स्वस्थ रहते हैं। अगर आप अपने बच्चों का सही मानसिक और शारीरिक विकास करना चाहते हैं तो उनके जीवन में योग को भी शामिल करें। बचपन से ही योग का नियमित अभ्यास उनको आगे चलकर बहुत फायदा देगा। तो चलिए जानें बच्चों को खेल-खेल में कौन से योग सिखा सकते हैं।
खेल-खेल में सिखाएं बच्चों को ये चार योगासन, जीवनभर रहेंगे स्वस्थ
सुखासन योग की सबसे आसान क्रिया है और सबसे ज्यादा लाभदायक भी। इसको करने से मानसिक और शारीरिक स्फूर्ति मिलती है। सुखासन करने के लिए पैरों को पालथी मार कर बैठ जाएं और पीठ को बिल्कुल सीधा रखें। ध्यान रहें इस आसन को करते समय हाथों की मुद्रा का विशेष ख्याल रहे। इस आसन को करने से दिमाग की शक्ति बढ़ती है।
बच्चों का शरीर लचीला होता है। इसलिए उनको योग के आसन सिखाना और आसान होता है। भुजंगासन का नियमित अभ्यास सिखाने से बच्चों के पेट की मांसपेशियों में खिंचाव होगा तो उनके मोटे होने का खतरा भी नहीं होगा। साथ ही इसे करने से भुजाएं भी मजबूत होती हैं। इसे करने के लिए सबसे पहले पेट के बल सीधा लेट जाएं। इसके बाद दोनों हाथों को अपने माथे के नीचे टिकाएं।दोनों पैरों के पंजों को साथ रखें। अब माथे को सामने की ओर उठाएं और दोनों बाजुओं को कंधों के समानांतर रखें जिससे शरीर का भार बाजुओं पर पड़ेगा। अब शरीर के अग्रभाग को बाजुओं के सहारे उठाएं। शरीर को स्ट्रेच करें और लंबी सांस लें। कुछ सेकंड इसी अवस्था में रहने के बाद वापस पेट के बल लेट जाएं।
यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण योग आसन है। इसे करने के लिए अपने पीठ पर लेटकर पैरों के बल ऊपर की ओर उठने की कोशिश करें। यह रीढ़ की हड्डी को आराम पहुंचाता है और दिमाग को तंदुरुस्त रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। इसलिए बच्चों को इस योग का अभ्यास कराना फायदेमंद होता है।
शवासन
बच्चों को धैर्य और मन को शांत करना सिखाना है तो खेल-खेल में ही शवासन का अभ्यास करना सिखाएं।