दुनिया भर की कंपनियों ने घर से काम यानी वर्क फ्रॉम होम को अनिवार्य कर दिया है। ऐसे में पहली बार वर्क फ्रॉम होम को अपनाने वाले कर्मचारियों से लेकर लंबे समय से इस तरह काम करने वालों, सभी को कुछ खास मंत्र अपनाने की जरूरत है। कोविड-19 के प्रसार के साथ ही गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, ट्वीटर, हिताची, एपल, सेल्सफोर्स, स्पोटिफाई जैसी बड़ी कंपनियों से लेकर छोटी-छोटी कंपनियों ने दुनिया भर में वर्क फ्रॉम होम की अनिवार्य नीति अपना ली है।
Work From Home Tips: घर से काम करने का सही तरीका क्या है? याद रखें ये पांच 'मंत्र'
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संवाद जरूरी है
सबसे पहली जरूरत है- बॉस से स्पष्ट संवाद। आपको यह मालूम होना चाहिए कि वे आपसे क्या चाहते हैं। और इसके लिए जरूरी है आपसी संवाद के स्पष्ट मानक। नॉर्थ ईस्टर्न यूनिवर्सिटी, बोस्टन में मैनेजमेंट की प्रोफेसर और दूरस्थ कामकाज (रिमोट वर्किंग) की अध्येता बारबरा लारसन का कहना है, "प्रतिदिन संवाद का तरीका क्या होगा, इसके मानक तय होने चाहिए। अपने मैनेजर को सुझाव दें कि हर रोज दिन की शुरुआत और समाप्ति के लिए सबके साथ 10 मिनट की वर्चुअल बैठक करें। बहुत बार मैनेजरों ने इस बारे में कुछ नहीं सोचा होता"।
असल में, आम दिनों में हममें से अधिकांश लोग अपने बॉस के निकट संपर्क में काम करते हैं, यानी बॉस से कुछ भी जानना या उनका हमें कुछ कहना बेहद आसान और सहज होता है। लेकिन रिमोट वर्किंग में ऐसा मुमकिन नहीं और अगर आपके ऑफिस में पहले से रिमोट वर्किंग न होती रही हो तो संवाद टूटने की दिक्कत और भी बढ़ जाती है। ऐसा भी हो सकता है आपके मैनेजर को लोगों से वर्चुअल ढंग काम लेने की आदत ही न हो या आपकी कंपनी में रिमोट कर्मचारियों के लिए जरूरी साधन जैसे चैट एप स्लैक या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एप स्काइप या जूम आदि न हों।
ऐसे में पहली बार घर से काम कर रहे लोगों के लिए यह काफी मुश्किल और हताशा भरा हो सकता है। यहां तक कि लगातार घर से काम करने वाले कर्मचारियों को भी कई बार हताशा और अकेलापन महसूस होता है। पिछले वर्ष ऑनलाइन ब्रांड डेवलपमेंट एजेंसी बफर ने 2500 रिमोट कर्मचारियों का अध्ययन किया और पाया कि दफ्तर के माहौल से अलग-थलग काम करने में अकेलापन दूसरी सबसे बड़ी चुनौती है, 19 फीसदी उत्तरदाताओं ने इसका अनुभव किया था। इससे काम करने की प्रेरणा और उत्पादकता में कमी आ सकती है।
इसलिए अपने बॉस और टीम के साथ घर से बात करते समय फेस टू फेस संवाद ज्यादा मददगार है, इसके लिए वीडियो कॉल, स्काइप का इस्तेमाल करते रहें। रिमोट जॉब दिलवाने वाली वैबसाइट फ्लेक्स जॉब्स की सीईओ और संस्थापक सारा सट्टन कहती हैं, "रिमोट कर्मचारियों के लिए नजरों से दूर तो दिमाग से दूर, एक असली समस्या हो सकती है। इसलिए अच्छा रिमोट वर्कर वही है जो अलग-अलग माध्यमों से अपने सहयोगियों और बॉस के लगातार संपर्क में रहे"।
मानें कि आप ऑफिस में हैं
वर्क फरॉम होम के कुछ ऐसे शाश्वत मंत्र हैं जो कोविड-19 के इस दौर में भी आपके बहुत काम आ सकते हैं। जैसे घर पर काम करने के लिए भी वैसे ही तैयार हों जैसे आप ऑफिस जाने के लिए तैयार होते हैं। सिर्फ इसलिए कि आप घर के कपड़ों में बिस्तर पर अधलेटे काम कर सकते हैं, ऐसा न करें। लारसन की सलाह है, "नहा धोकर तैयार हों और तभी काम शुरू करें। ऑफिस का काम यही मानकर करें कि आप ऑफिस में ही हैं"।
दूसरी जरूरी चीज है ऑफिस के काम के लिए एक तय जगह। घर के किसी एक कोने को ऑफिस का रूप दें, वहाँ से आलतू-फालतू सामान हटाएँ और मेज पर अपना कंप्यूटर और जरूरी दफ्तरी सामान रखें। चूंकि अब लंबे समय तक वर्क फरॉम होम की स्थिति बनी रहने वाली है, इसलिए यह और भी जरूरी हो गया है। वैसे ही कुर्सी पर सीधे बैठकर काम करें जैसे आप ऑफिस में काम करते हैं (हाँ बैठे बैठे काम करने से जुड़ी दिक्कतों के लिए जरूरी व्यायाम भी बीच-बीच में करते रहें)।
इससे आप भी अपने काम के प्रति समर्पित महसूस करेंगे और बाकी घरवालों के लिए भी यह संकेत होगा कि आप काम कर रहे हैं। जॉर्जिया विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर क्रिस्टन शॉकले कहते हैं, "घर के भीतर सीमाएं तय करें और अपने परिवार वालों को उनके बारे में बता दें। जैसे उनसे कहें कि अगर कमरे का दरवाजा बंद है तो उन्हें यह मान कर चलना है कि आप घर पर हैं ही नहीं"।
रिमोट वर्किंग के सभी फायदों का लाभ उठाने के लिए अलग वर्कस्पेस बेहद जरूरी है। फ्लेक्स जॉब्स द्वारा पिछले वर्ष 7000 कर्मचारियों के बीच किए गए एक सर्वेक्षण में 65% ने कहा कि वे घर से काम करने में अपनी क्षमता का अधिक उपयोग कर पाते हैं, क्योंकि साथी कर्मचारियों का दखल बहुत कम हो जाता हैं, दफ्तर की राजनीति से न्यूनतम लेना-देना रहता है और ऑफिस आने-जाने से पैदा होने वाला तनाव नहीं रहता।