उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई बदलाव होने लगते हैं। मांसपेशियों का कम होना और शरीर में वसा का बढ़ना इन्हीं बदलावों का हिस्सा है। इसका असर अक्सर पेट और कमर के आसपास ज्यादा दिखाई देता है। लंबे समय तक बैठे रहना, शारीरिक गतिविधि की कमी और खानपान में ज्यादा वसा और कार्बोहाइड्रेट वाली चीजों की मौजूदगी इस समस्या को और बढ़ा सकती है।
सेहत की बात: उम्र बढ़ते के साथ क्यों निकलने लगती है तोंद, बेली फैट घटाने कम करने के लिए क्या करें?
उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियां कम होने और शरीर में फैट बढ़ने के कारण पेट के आसपास चर्बी जमा होना आम है। बेली फैट बढ़ने के कारण हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, टाइप-2 डायबिटीज और हृदय रोगों के जोखिम बढ़ जाता है। रोजाना वॉक, कार्डियो और एब्डॉमिनल एक्सरसाइज इसमें फायदेमंद हो सकती हैं।
एरोबिक या कार्डियो व्यायाम
पेट की चर्बी को कम करने वाले कारगर व्यायाम की शुरुआत में आपका पहला कदम रोजाना कम से कम 30 मिनट एरोबिक व्यायाम या कार्डियो व्यायाम करना है। अध्ययनों से पता चलता है कि एरोबिक व्यायाम, पेट की चर्बी के साथ लिवर फैट को कम करने में भी मदद करते हैं। बेली फैट के लिए एरोबिक एक्सरसाइज में आप तेजी से वॉक करने, रनिंग, साइकिलिंग, तैराकी जैसे अभ्यास कर सकते हैं।
ज्यादा असर के लिए इंटरवल ट्रेनिंग
अगर आप सामान्य कार्डियो के साथ व्यायाम की तीव्रता बढ़ाना चाहते हैं, तो हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग यानी एचआईआईटी एक विकल्प हो सकता है। इसमें कम समय के लिए तेज गति वाली गतिविधि और उसके बाद आराम या हल्की गतिविधि का क्रम रखा जाता है। शोधों में इस तरह की ट्रेनिंग को वजन नियंत्रित करने, शारीरिक फिटनेस सुधारने और पेट की चर्बी घटाने में उपयोगी पाया गया है। स्क्वाट और डेडलिफ्ट जैसे व्यायाम भी इस तरह की ट्रेनिंग का हिस्सा हो सकते हैं।
पेट को लक्षित करने वाले व्यायाम
बेली फैट के एक्सरसाइज, पेट की चर्बी और कमर को लक्षित करते हैं। ये आपके पेट को टोन और सपाट करने में मदद कर सकते हैं। किसी भी उम्र के पुरुषों और महिलाओं के लिए ये व्यायाम बहुत अच्छे हो सकते हैं। पेट की चर्बी के लिए एब्डॉमन व्यायाम में आप 60 सेकंड के प्लैंक अभ्यास के तीन-चार सेट, साइकिलिंग जैसे अभ्यास कर सकते हैं।
आपकी सेहत और शारीरिक क्षमताओं के हिसाब से कौन से व्यायाम आपके लिए फायदेमंद हैं, इस बारे में जानने के लिए किसी प्रशिक्षक या ट्रेनर की मदद लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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