कोरोना महामारी के कारण लोग घरों में रहने के लिए मजबूर हो गए। लॉकडाउन लगा तो लोग घर में बोर होने लगें। वर्क फ्राॅम होम होने से घर पर ही काम करते, न तो ऑफिस जाना था, न ही किसी दोस्त रिश्तेदार के घर जा पाते। ऐसे में कई लोग तनाव में आ गए। घर में लगभग एक साल तक रहने के बाद लोगों के मन में घूमने, दूर यात्रा पर जाने की इच्छा बढ़ी। लोग बस लाॅकडाउन खुलते ही घूमने जाना चाहते थे। अपनी थकान और तनाव को कम करने के लिए लॉकडाउन से ढील होते ही लोगों ने यात्रा का प्लान बना लिया। लंबे समय से वीरान पड़े पर्यटन स्थलों पर एक बार फिर यात्रियों की भीड़ लग गई। सबसे ज्यादा लोग पहाड़ी क्षेत्रों की ओर आकर्षित हुए। लंबी छुट्टी के लिए लोग कुछ खास पर्यटन स्थलों पर सबसे ज्यादा गए। चलिए जानते हैं वह चार पर्यटन स्थल, जहां लॉकडाउन के बाद सबसे ज्यादा यात्री पहुंचे।
Year Ender 2021: लॉकडाउन के बाद इन चार पर्यटन स्थलों पर लगी भीड़, बड़ी संख्या में पहुंचे यात्री
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शिमला
हिमाचल प्रदेश का शिमला पर्यटकों की पसंदीदा जगह है। हर साल हजारों सैलानी शिमला जाते हैं। वहीं कोरोना काल में शिमला में पर्यटकों के घूमने पर प्रतिबंध लग गया। हालांकि लाॅकडाउन खुलते ही लोग फिर एक बार शिमला पहुंचे। बर्फीली वादियों में लोगों ने लाॅकडाउन के तनाव को कम किया।
नैनीताल
यात्रा प्रतिबंध में छूट मिली तो कई महीनों से बंद नैनीताल के बाजार एक बार फिर गुलजार हुए। नैनीताल की शांत सड़कों पर भीड़-भाड़ और बाहर से आए यात्री नजर आने लगे। दोस्तों, कपल और परिवार के लोगों ने अपना सामान पैक किया और सबसे पहले नैनीताल के लिए रवाना हो गए।
ऋषिकेश
कोरोना काल में महामारी के खतरे से डरे सहमे लोग जब बाहर निकले तो अधिकतर पर्यटकों ने धार्मिक स्थलों की तरफ रुख किया। लोगों ने प्रसिद्ध मंदिर, धार्मिक स्थलों पर यात्रा की। लोग उत्तराखंड के ऋषिकेश पहुंचे। यहां लोगों ने पहाड़ों के बीच शांत माहौल को एंजॉय किया। ट्रैकिंग, रिवर राफ्टिंग और कैपिंग का मजा लिया। साथ ही गंगा में स्नान, मंदिरों के दर्शन किए।
मथुरा
पहाड़ों के अलावा बड़ी संख्या में पर्यटक मथुरा, वृन्दावन पहुंचे। यहां लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण के मंदिरों के दर्शन तो किए ही, साथ ही महीनों से घर में कैद होने के बाद अपने तनाव को भी कम किया। यमुना घाट पर वक्त बिताया। गोकुल धाम, गोवर्धन पर्वत, समेत कई मंदिरों के दर्शन किए।