कोरोना वायरस ने लोगों को काफी प्रभावित किया। कोरोना काल में कई तरह के प्रतिबंध लगे। ट्रेन और हवाई यात्रा बंद हो गईं। इसके अलावा लॉकडाउन के समय न तो देश के अंदर एक राज्य से दूसरे राज्य जाने की अनुमति थी और न ही देश से बाहर जाने की। पर्यटन स्थल भी बैन हो गए। ट्रैवल बैन होने से पर्यटन स्थल सूनसान हो गए। देश के मंदिर, पहाड़ी इलाके, बीच, जहां कभी घूमने वालों की भीड़ रहती थी, देश विदेश से लोग आते थे, वहां शांत माहौल हो गया। कोरोना में लगे ट्रैवल बैन के कारण लाखों लोग बेरोजगार हो गए। होटल इंडस्ट्री को भारी नुकसान हुआ तो वहीं ट्रैवल एजेंट्स से भी रोजगार का जरिया छिन गया। इस साल कई लोगों को बेरोजगारी का सामना करना पड़ा। उनको पर्यटन क्षेत्र को छोड़कर किसी दूसरे क्षेत्र में काम तलाशना पड़ा। कई लोगों ने तो टिफिन सर्विस या ठेले लगाने तक का काम किया। चलिए जानते हैं इस साल कोरोना के कारण ठप हुए ट्रैवल ने कैसे लोगों से छीना रोजगार।
Year Ender 2021: कोरोना काल में ट्रैवल ठप होने से लोग हुए बेरोजगार, जानें कैसे छिना रोजगार
ट्रैवल बैन से क्या हुआ बंद
कोविड के कारण ट्रैवल बैन होने से कई ट्रेनें रद्द हो गईं। विमान सेवा बंद कर दी गईं। कई देशों के लिए यात्राओं पर प्रतिबंध लग गया। एक राज्य से दूसरे राज्य में यात्रा के लिए कुछ जरूरी नियम तय कर दिए गए, जिनके पूरे न होने पर राज्य में एंट्री नहीं मिल सकती थी। कई पर्यटन स्थलों को बंद कर दिया गया। धार्मिक स्थलों से लेकर शिमला, कुल्लू, से लेकर गोवा तक में यात्रा पर रोक लग गई।
ट्रैवल बैन से हुआ क्या नुकसान
यात्रा प्रतिबंधित होने से भारतीय रेलवे और एयर सर्विस को झटका लगा। प्रत्यक्ष तौर पर दोनों को करोड़ों का नुकसान हुआ।
होटल इंडस्ट्री को भी भारी नुकसान हुआ। पर्यटकों के बिना होटल वीरान हो गए। होटल व्यवसायियों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर भारी नुकसान हुआ।
रेस्टोरेंट में भी पर्यटक नहीं आए। रेस्टोरेंट क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी काफी नुकसान हुआ।
ट्रैवल एजेंट्स का काम ठप हो गया। लाखों ट्रैवल एजेंट बेरोजगार हो गए।
पर्यटन स्थलों की सैर कराकर अपनी रोजी रोटी के लिए काम करने वाले ट्रैवल गाइड भी बेरोजगार हो गए।
यात्रा पर प्रतिबंध लगने से कौन हुआ बेरोजगार
-रेलवे स्टेशन पर काम करने कुली बेरोजगार हो गए।
-उड़ानें ठप होने से कई एयरलाइंस कंपनियों को नुकसान हुआ, जिसके कारण इन कंपनियों में काम करने वाले कई कर्मचारियों की छुट्टी कर दी गई।
-होटलों में यात्रियों के न आने के कारण होटल में काम करने वाले कर्मचारियों की छटनी हो गई। कई होटल कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया।
-ट्रैवल एजेंट्स का काम भी ठप हो गया। उनके रोजी रोटी का जरिया खत्म हो गया।
-ट्रैवल गाइड, पर्यटन स्थलों पर लगने वाली मार्केट में काम करने वाले लोग भी बेरोजगार हो गए।