जब भी हम कहीं घूमने जाते हैं तो तनावमुक्त और खुश होकर लौटते हैं। क्या आप कभी ऐसी जगह गए हैं जहां से जिंदगीभर के लिए एक सीख लेकर लौटे हों या कुछ ऐसा देखकर लौटे हों जिससे आपकी आंखें खुल गई हों। अगर कभी ऐसा अनुभव नहीं किया है तो आज हम आपको उन जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां बेशक पहुंचकर एक फैंसी माहौल का मजा ले सकते हैं और लजीज खाना चख सकते हैं। लेकिन यहां आपको कुछ ऐसा जानने और देखने को मिलेगा जो बिल्कुल अनोखा होगा और यहां से आप कुछ सीखकर जरूर लौटेंगे। ये वो कैफे हैं जहां पकवान के साथ उम्मीद, इंसानियत और खुशियां परोसी जाती हैं।
वीकेंड में पहुंचें इन पांच जगहों पर, जहां लजीज खाने के साथ परोसी जाती हैं खुशियां और उम्मीदें
चेहरे पर मुस्कुराहट लिए यहां का स्टाफ आपका स्वागत करता है। अॉर्डर देने के लिए नोटपैड सामने होता है। खास फरमाईश है तो सामने रखे बोर्ड को उठा दें या सीट पर लगें बटन को दबाएं। खाने के बरतनों में भी खास लेबल लगे होते हैं। दरअसल ये सारी तैयारी इसलिए है क्योंकि यहां का स्टाफ सुनने और बोलने में कमजोर लोगों से बना है। लेकिन इनकी ये कमजोरी आपको शिकायत को मौका नहीं देगी। बल्कि यहां का स्वाद और लोगों की मुस्कुराहट खाने को और भी स्वादिष्ट बना देता है।
पता: फर्स्ट फ्लोर, 17, सत्यनिकेतन मार्ग, नई दिल्ली।
मुंबई के पॉश इलाके में बना ये कैफे अपनी खुली जगह और सिंपल स्वादिष्ट खाने से खुश करता है। लेकिन इससे ज्यादा खुशी यहां काम करते लोगों को देखकर होती है। इस कैफे में काम कर रहे लोग द्वियांग है जो ऑटिजम, डाउन सिंड्रोम या मानसिक रूप से कमजोर हैं। लेकिन इनकी मेहनत और कुशलता किसी भी तरह से इनके काम में रूकावट नहीं आने देती। मुंबई दर्शन पर निकले तो इस कैफे को भी अपनी लिस्ट में जरूर जोड़ें।
पता: दुकान नं. 20, जुहू रुतुराज, SNDT महिला विश्वविद्यालय के सामने, जुहू रोड, मुंबई
चाय की एक चुस्की मूड तो बदल देती है लेकिन रायपुर का नुक्कड़ टीफे (टी-कैफे) आपका नजरिया भी बदल देगा। मूक-बधिर लोगों द्वारा चलाया जाने वाला ये कैफे आपको चॉकलेट, बासुंदी, गुलाब चाय जैसे कई फ्लेवर तो परोसता है। साथ ही, यहां काम कर रहे लोग आपके चेहरे पर मुस्कान और दिल में इज्जत का भाव भी भर देते हैं। इतना ही नहीं, यहां पर कवि सम्मेलन और लाइब्रेरी के साथ ज्ञान का भी आदान-प्रदान होता है।
पता: श्री राम कॉम्प्लेक्स, GB 8, समता कॉलोनी मेन रोड, रायपुर
जहां पर किन्नरों की बधाई को बेहद शुभ माना जाता है वहीं समाज का ये हिस्सा अच्छी नौकरियों और एक इज्जत की जिंदगी का मोहताज है। लेकिन इसी सोच को बदलने का काम कर रहा है मुंबई के वाशी में बना द थर्ड आई कैफे। इससे ट्रांसजेंडर लोगों को उनकी सही कुशलता के लिए बाकी क्षेत्रों में जगह मिलेगी ना कि उनके लिंग के हिसाब से।
पता: शॉप नं 20, पाम बीच गैलेरिया मॉल, फेस 2 वाशी, नवी मुंबई