छुट्टियां मनाने के लिए बहुत ज्यादा सोचना नहीं चाहिए, आखिर इतना काम करने के बाद आप भी आराम करने के हकदार हैं। तो कुछ समय खुद के लिए निकालें और किसी ऐसी जगह पर घूमने जाएं जहां सुकून, कम भीड़भाड़ और ऐसी चीजें हों जो आपको पुरानी यादों में खोने को मजबूर कर दे। जी हां, अगर आप इतिहास प्रेमी हैं तो हम एक शानदार जगह के विषय में बताने जा रहे हैं जहां पहाड़, शांति, सुकून के लिए विख्यात मंदिर और जानने के लिए अद्भुत इतिहास।
गुजरात के कच्च में भुज शहर आता है जहां स्थित है भुजिया फोर्ट। यह किला पहाड़ी के ऊपर काफी ऊंचाई पर बना है। इस किले के अंदर भुजंग नाग का मंदिर बना है, जहां दूर-दूर से लोग दर्शन-पूजन के लिए आते हैं।भुजिया किले का निर्माण प्रथम राव गोडजी ने कराया था। इतिहासकारों का मानना है कि इस किले का निर्माण 1800 शताब्दी के दौरान हुआ था। अपनी खूबसूरती के चलते आज भी ये युवाओं का पसंदीदा स्पॉट है।
बाकि किलों की तरह भुजिया किला भी ऊंची पहाड़ी पर बना है। किले का निर्माण अपने राज्य की सुरक्षा के लिहाज से भुज की सीमा पर कराया गया था ताकि आक्रमणकारियों से अपने राज्य की सुरक्षा की जा सके। इतिहासकारों का मानना है कि इस किले पर 6 बार आक्रमण हुआ है और यहां से इन युद्धों को लड़ा गया है। एक बार किले पर आक्रमण के दौरान दुश्मन की सेना से किले को बचाने के लिए नाग कबीले के सरदार भुजंग नाग सैनिकों की सहायता के लिए पहुंचे। युद्ध में भुजंग नाग शहीद हो गए। जिस स्थान पर वह रहा करते थे, उस जगह उनके नाम पर मंदिर बनाया गया और उन्हीं के नाम पर इस जगह का नाम भुज पड़ा। आज बड़ी संख्या में लोग यहां दर्शन-पूजन के लिए आते हैं। नागपंचमी यहां बड़ा मेला आयोजित किया जाता है।
शॉपिंग
शॉपिंग के नाम पर तो सभी उत्सुक हो जाते हैं। खासतौर पर हाथ से बने हुए खूबसूरत सामानों की शॉपिंग करने के लिए ये अच्छी जगह है। यहां आप हाथ से बनी हुई जूतियां, मैट्स, पेंटिंग जैसे हैंडीक्राफ्ट्स खरीद सकते हैं।
ऐसे पहुचें भुज
भुज गुजरात राज्य के ज्यादातर शहरों से सड़क मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। गुजरात राज्य की राजधानी अहमदाबाद है और अहमदाबाद से गुजरात की दूरी करीब 330 किलोमीटर है। सड़क मार्ग से इस सफर को तय करने में लगभग 6 घंटे लगते हैं। दिल्ली से ट्रैन का सफर आप महज 500 रुपये में तय कर सकते हैं।