देश में कोरोना संक्रमण के मामले कम हो गए हैं। लगभग सभी राज्यों में दूसरी लहर के समय लगे प्रतिबंधों को हटा लिया गया है। ऐसे में यदि आप भी लॉकडाउन में घर पर रह-रहकर थक गए हैं और कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो क्यों न आप परिवार के साथ कोलकता जाएं? असल में देश में त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है। अगले माह की शुरुआत में ही नवरात्र का पर्व है और पूरे पश्चिम बंगाल में यह पर्व बड़े ही धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। ऐसे में आप अगले माह की शुरुआत में कोलकता का प्लान बना सकते हैं।
अगले महीने परिवार के साथ बना लें कोलकता में घूमने का प्लान, इन जगहों पर जाना बिल्कुल भी न भूलें
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कोलकता में दुर्गापूजा की धूम
हर साल दुर्गापूजा के उत्सव में पूरा पश्चिम बंगाल दु्ल्हन की तरह सज जाता है। विशेषकर कोलकता में इसकी रौनक और भी अधिक देखने को मिलती है। अक्टूबर के पहले हफ्ते में नवरात्र के दिनों में तमाम पंडालों में जाकर आप पूरे भक्तिमय माहौल में रम जाएंगे। दुर्गापूजा के उत्सव में आप इतने खो जाएंगे कि वहां से लौटने की ही इच्छा नहीं होगी।
कोलकता का मार्बल पैलेस पर्यटकों के लिए हमेशा से आकर्षण का केंद्र रहा है। इसे राजा राजेंद्र ने साल 1835 में बनवाया था। वास्तुकला का यह अदुभुत नजारा देखकर आपका मन खुश हो जाएगा। इस पैलेस में एक संग्रहालय भी है जहां आपको प्राचीन काल की चीजें देखने को मिल जाएंगी। हर महीने यहां लोगों की भीड़ लगी रहती है।
बॉटनिकल गार्डन घूमकर आएं
पश्चिम बंगाल के हावड़ा में बॉटनिकल गार्डन हमेशा से लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। यह करीब 273 एकड़ में फैला हुआ क्षेत्र है, जो प्रकृति प्रेमियों के लिए हमेशा से सबसे पसंदीदा स्थानों में से एक रहा है। यहां आपको चारों तरफ हरियाली और दुनिया के तमाम ऐसे पेड़ पौधे भी देखने को मिल जाएंगे जो अब लगभग विलुप्त होने की कगार पर हैं।
कोलकता का जैन मंदिर
कोलकता का जैन मंदिर राज्य में आस्था के सबसे बड़े केंद्रों में से एक है। आस्था के साथ यह मंदिर वास्तुकला के लिहाजे से भी काफी आकर्षक मंदिरों में से एक है। जैन धर्म के अनुयाईयों के लिए यह मंदिर सिद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है। पर्यटकों और तीर्थ यत्रियों के लिए हमेशा से यह मंदिर आकर्षण का केंद्र बना रहता है।