Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि का पावन पर्व इस वर्ष 26 फरवरी 2025 को मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह हुआ था। इस मौके पर भक्त भगवान शिव और माता पार्वती का विशेष पूजन करते हैं और गृहस्थ जीवन का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस उपलक्ष्य में उपवास किया जाता है और भगवान शिव के मंदिरों में दर्शन व पूजा-अर्चना की जाती है।
Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि पर करना है भगवान भोलेनाथ के प्रसिद्ध मंदिरो के दर्शन तो करें ये काम
इस महाशिवरात्रि के मौके पर अगर आप प्रसिद्ध शिव मंदिरों या ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का विचार बना रहे हैं तो कुछ बातें पहले से ही जान लें ताकि दर्शन आसानी से मिल जाएं और शिव मंदिरों की यात्रा भी सफल बन जाए।
महाशिवरात्रि में कहां जाएं
सबसे पहले तो वह मंदिर, या तीर्थ स्थान तय कर लें, जहां आप जाना चाहते हैं। यात्रा की योजना बनाने के लिए इस बात का ध्यान रखें कि आपका बजट कितना है और सफर के लिए आपको कितने दिन की छुट्टी मिल सकती है। यदि एक या दो दिन की छुट्टी है तो आसपास के शिव मंदिरों या ज्योतिर्लिंगों की यात्रा पर जाने का निर्णय कर सकते हैं।
पहले से यात्रा की प्लानिंग करें
महाशिवरात्रि के दिन मंदिरों में भारी भीड़ होती है, इसलिए पहले से यात्रा की योजना बनाएं। होटल और परिवहन की बुकिंग पहले ही कर लें, ताकि परेशानी न हो। अगर किसी तीर्थस्थान जैसे काशी या उज्जैन जा रहे हैं, तो वहां के विशेष नियमों और दर्शन समय की जानकारी प्राप्त करें।
मंदिर जल्दी पहुंचे
महाशिवरात्रि पर दर्शन करने के लिए मंदिर समय से पहले पहुंच जाएं। जल्दी मंदिर पहुंचेंगे तो कम भीड़ मिल सकती है और लंबी कतार में आपको अधिक समय बिताना नहीं पड़ेगा। सुबह या देर रात के समय दर्शन करना ज्यादा सुविधाजनक होता है, क्योंकि दिन में भीड़ बहुत बढ़ जाती है। कई मंदिरों में विशेष आरती और जलाभिषेक के लिए अलग समय निर्धारित होता है, इसलिए पहले से जानकारी लें।
यातायात नियम और भीड़ के लिए रहें तैयार
किसी प्रसिद्ध या प्राचीन मंदिरों के दर्शन के लिए जा रहे हैं तो यहां अत्यधिक भीड़ की संभावना के चलते यातायात नियमों और मार्गों में बदलाव किए जा सकते हैं। ट्रैफिक और दर्शन की लंबी कतारों के लिए तैयार रहें। बड़े शिव मंदिरों के आसपास महाशिवरात्रि के दिन ट्रैफिक जाम की संभावना रहती है, इसलिए वैकल्पिक मार्गों की जानकारी रखें। कई स्थानों पर निजी वाहनों की बजाए सार्वजनिक वाहनों से गंतव्य तक पहुंचना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। इसका विकल्प भी तलाश लें। VIP दर्शन या ऑनलाइन दर्शन सुविधा का लाभ उठा सकते हैं, अगर उपलब्ध हो।
मंदिर परिसर में नियम
कई मंदिरों में चमड़े की वस्तुएं, कैमरा और मोबाइल फोन ले जाना मना होता है, इसलिए इन्हें बाहर जमा करने की सुविधा की जानकारी रखें। मंदिर में साफ-सफाई और अनुशासन बनाए रखें।