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मां काली के नाम पर पड़ा है इस शहर का नाम, जानिए यहां के प्रसिद्ध मंदिरों की जानकारी
Fri, 20 Mar 2020 11:21 AM IST
योगेश जोशी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश जोशी
Updated Fri, 20 Mar 2020 11:21 AM IST
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देवी भगवती के अलग- अलग रुपों की पूरी दुनिया में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। कोलकाता, जो कि पश्चिम बंगाल की राजधानी है, यहां पर मुख्य रुप से मां काली की अराधना की जाती है। ऐसा कहा जाता है कि कोलकाता का नाम मां काली के नाम पर ही पड़ा है। कोलकाता को मां काली के निवास स्थान के रुप में भी जाना जाता है। यहां पर मां काली के 2 प्रमुख प्रसिद्ध मंदिर हैं। आइ्ए, आज जानते हैं, मां काली के निवास स्थान कोलकाता के इन प्रसिद्ध मंदिरों के बारें में...
दक्षिणेश्वर काली मंदिर
- दक्षिणेश्वर काली मंदिर हुगली नदी के तट पर बसा है और यह मंदिर माता के 51 शक्तिपीठों में से हैं। मान्यताओं के अनुसार जब विष्णु भगवान ने मां सती के शव के टुकड़े किए थे तब इस स्थान पर माता की दाएं पांव की चार उंगलियां गिरी थीं। इस मंदिर को मां काली का दिव्य धाम भी कहा जाता है। भक्तों के लिए यह स्थान किसी सिद्ध स्थान से कम नहीं है। भारत के महानतम देवी तीर्थों में दक्षिणेश्वर काली मंदिर की गणना की जाती हैं।
दक्षिणेश्वर काली मंदिर दो मंजिला मंदिर है और नौ गुंबदों पर बना हुआ है। इन गुंबदों पर खड़े लगभग सौ फीट ऊंचे मंदिर के गर्भगृह में मां काली की सुंदर मूर्ति है और यहां काली मां की मूर्ति लेटे हुए भगवान शिव की छाती पर खड़ी है।
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कालीघाट मंदिर
- कालीघाट मंदिर कोलकाता में काली मां का दूसरा सिद्ध मंदिर है। यहां की काली प्रतिमा मुख काले पत्थरों से निर्मित है। जिह्वा, हाथ और दांत सोने से मढ़े हुए हैं। यह जगह काली मां के भक्तों के लिए सबसे बड़ा मंदिर है।
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इन मंदिरो में तांत्रिको का लगा रहता है ताता
- कोलकाता के ये दोनों मंदिर तांत्रिकों के लिए काफी महत्वपूर्ण तीर्थ है और उनका यहां साल भर आना-जाना लगा रहता है। यहां सैकड़ों तांत्रिक पूरे भारत से आ कर काली मां की पूजा करते हैं।