एक देश में कई सारे शहर होते हैं। विभिन्न देशों में बहुत सारे देश होते हैं। हर शहर का अपना कोई नाम होता है। छोटी से छोटी जगह हो या बड़े से बड़ा शहर नाम तो सभी का होता है। दुनिया में इतनी सारी जगहें हैं तो बिल्कुल संभव है कि कुछ जगहों के नाम एक से भी हों। लेकिन भारतीयों को आश्चर्य में यह डाल सकता है कि पटना, बड़ौदा, कलकत्ता, बाली जैसी जगहें के साथ- साथ विदेशों में भी यह सारी जगह मौजूद हैं। अगली स्लाइड्स से जानिए ये एक से नाम वाली जगहें, कहां- कहां पाई जाती हैं।
यदि कोई कहता है अमेरिका के बड़ौदा से बोल रहा हूं तो हैरान मत होइए, जानिए ऐसी जगहें जिनका विदेशों में भी है नाम
पटना बिहार/स्कॉटलैंड
पटना भारत में ही नहीं बल्कि स्कॉटलैंड में भी स्थित है। पटना जैसा देसी नाम स्कॉटलैंड में किसी जगह का होना, आश्चर्य में डालता है। स्कॉटलैंड के आयरशायर स्थित एक छोटे से शहर का नाम है पटना। विलियम फुलर्टन नामक एक व्यक्ति ने उनकी खदानों में काम करने वाले लोगों को आवासीय सुविधा प्रदान करने के लिए यह छोटा सा शहर 'पटना' बसाया था। दरअसल, विलियम का जन्म पटना में हुआ था इसलिए उन्होंने इसका नाम पटना रख दिया।
कलकत्ता बंगाल/अमेरिका
अमेरिका में स्थित कलकत्ता (यूएस) 1810 में 'वेस्ट यूनियन' के रूप में सामने आया था। विलियम फोक्स जिन्होंने यहां पहली बार ईंट का मकान बनाया था उनके नाम पर फोक्सटाउन नाम पड़ा। कई नाम बदलने के बाद आख़िरकार भारत के कलकत्ता पर इसका नाम रखा गया। अमेरिका में ही 1838 में कलकत्ता नाम से पोस्ट ऑफिस भी खुला था जो 1913 तक कार्यशील रहा।
बड़ौदा- गुजरात/अमेरिका
भारत में बड़ौदा गुजरात में स्थित है लेकिन लोगों को यह आश्चर्य में डालता है कि बड़ौदा अमेरिका में भी है। अमेरिका के मिशीगन राज्य में एक छोटा सा गांव है बड़ौदा। माइकल हाउसर नामक व्यक्ति ने 1890 में बड़ौदा नाम से एक पोस्ट ऑफिस खोला था। वे इसका नाम 'पोमोना' रखना चाहते थे लेकिन यह नाम पहले से ही किसी और ने ले लिया था। उन्होंने लोगों से सुझाव मांगे तो सीएच पिंडर ने 'बड़ौदा' नाम सुझाया क्योंकि उनका जन्म गुजरात के बड़ौदा में हुआ था।
बाली- राजस्थान/इंडोनेशिया
बाली के बारे में कौन नहींं जानता है। अधिकतर पर्यटक चाहते हैं कि वे एक बार बाली जरूर होकर आएं। बाली द्वीप इंडोनेशिया स्थित प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है। इंडोनेशिया में सबसे ज़्यादा हिन्दू जनसंख्या यहीं है और मंदिर भी बहुतायत में हैं, इसलिए भारतीय यहां जाने की रूचि भी रखते हैं। 2000 वर्ष पहले दक्षिणपूर्वी एशिया से आए ऑस्ट्रोनेशियन लोगों बाली में आकर बसे थे। राजस्थान के पाली जिले में भी एक बाली है। दरअसल यह एक तहसील है।