बच्चों का पालन-पोषण करना मां-बाप के लिए एक बड़ा चैलेंज होता है और यह चैलेंज तब और बढ़ जाता है जब बच्चा थोड़ा स्पेशल हो। यानी कि अगर बच्चा ऑटिज्म से पीड़ित होता है तो पैरेंट्स को उनकी केयरिंग करने में काफी मुश्किले होती हैं। क्योंकि बच्चा भावनात्मक व दिमागी रूप से कमजोर होता है और इसका विकास करने के लिए माता-पिता को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसलिए अगर आपका बच्चा ऑटिज्म से पीड़ित है तो इस तरह अपने बच्चे का ख्याल रखें।
बात करें
ऑटिस्टिक बच्चे से हर वक्त बात करते रहें। उन्हें घर में हो रहे किसी भी चर्चा का हिस्सा बनाएं। ताकि वह अपनी भावनाओं को शब्दों में कह सके। इस दौरान कोशिश करें कि बच्चा एकदम सहज हो उसे बोलने का पूरा मौका दें। ज्यादा बोलने पर जोर न डालें। बात करने के दौरान उससे इरिटेट न हो और न ही उनपर गुस्सा हो। ऐसा करने से बच्चा बोलने के बजाए और शांत रहने लगेगा।
ऑटिज्म पीड़ित बच्चों के माता-पिता से मिलें
अगर आपका बच्चा ऑटिज्म से पीड़ित है और उसका पालन-पोषण करने में परेशानी हो रही है तो कोशिश करें कि उन माता-पिता से मिलें जो पहले से ऑटिस्टिक बच्चों का पालन-पोषण कर चुके हैं। इन पैरेंट्स के ग्रुप भी होते हैं आप चाहे तो उनसे जुड़ सकते हैं।
बाहर घूमाएं
ऑटिज्म से पीड़ित बच्चे सोशलाइज होने में असहज महसूस करते हैं। लेकिन उन्हें आउटिंग पर जरूर ले जाएं। इस तरह उनके अंदर से लोगों को लेकर मन में बैठा डर खत्म होगा। साथ ही अनजान लोगों से कैसे बात करना चाहिए ये जानने में भी मदद मिलेगी। बच्चे को पार्क में खिलाने ले जाएं।
इलाज पर केंद्रित रहें
अगर आपको इस बात का पता चल जाता है कि आपका बच्चा ऑटिज्म से पीड़ित है तो मेडिकल सहायता जरूर लें। आपके लिए यह अनुभव चैलेंजिंग हो सकता है लेकिन डॉक्टर व काउंसलर की मदद से आप अच्छे तरीके से समझ जाएंगे कि ऑटिस्टिक चाइल्ड के विकास के लिए पैरंटिंग का सही तरीका क्या है।